राजस्‍थान के किसानों की बड़ी जीत: RAJFED ने फसल खरीदी रजिस्‍ट्रेशन का नियम बदला, रामपाल जाट ने कही ये बात

राजस्‍थान के किसानों की बड़ी जीत: RAJFED ने फसल खरीदी रजिस्‍ट्रेशन का नियम बदला, रामपाल जाट ने कही ये बात

राजस्थान में MSP पर चना बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत मिली है. राजफेड ने रजिस्ट्रेशन नियम बदल दिए हैं, जिससे अब एक ही परिवार के सभी खातेदार किसान अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. किसान महापंचायत ने इसे लंबे संघर्ष की जीत बताया है.

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राजस्‍थान के किसानों की बड़ी जीत: RAJFED ने फसल खरीदी रजिस्‍ट्रेशन का नियम बदला, रामपाल जाट ने कही ये बातराजफेड ने बदला नियम (सांकेत‍िक तस्‍वीर)

राजस्थान के किसानों को वर्षों के संघर्ष के बाद बड़ी जीत मिली है. राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ लिमिटेड (राजफेड) ने रबी सीजन 2026-27 में MSP पर दलहन और तिलहन खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब किसानों का रजिस्ट्रेशन जनआधार फैमिली आईडी की बजाय जनआधार मेंबर आईडी और आधार कार्ड के बेसि‍स पर किया जा सकेगा. इससे एक ही परिवार के सभी खातेदार किसान अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे और अपना चना या अन्‍य उपज MSP पर बेच पाएंगे. राजफेड के मैन‍ेजिंग डायरेक्‍टर सौरभ स्‍वामी ने इस बदलाव का आदेश जारी किया है.

एक ही परिवार के कई लोगों को मिलेगा MSP का लाभ

राजफेड की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पहले जनआधार फैमिली आईडी के आधार पर एक परिवार से सिर्फ एक ही रजिस्ट्रेशन हो पाता था. ऐसे में जिन परिवारों में एक से ज्यादा लोगों के नाम पर जमीन दर्ज थी, वे MSP खरीद का पूरा लाभ नहीं ले पाते थे. अब नए नियम के तहत जिन सदस्यों के नाम पर जमीन दर्ज है, वे अपना अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे.

किसान महापंचायत ने बदलाव पर जताई खुशी

राजफेड ने सभी अधिकारियों और सहकारी समितियों को इस बदलाव का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि अधिक किसान इसका फायदा उठा सकें. इस फैसले पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि नए आदेश के बाद अब चने का रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड से कराया जा सकेगा. पहले जन आधार कार्ड व्यवस्था के कारण एक परिवार में एक से ज्यादा खातेदार होने के बावजूद केवल एक ही रजिस्ट्रेशन हो पाता था.

8 साल से ज्‍यादा लंबे संघर्ष से मिली जीत: रामपाल जाट

रामपाल जाट ने कहा कि अब परिवार के सभी खातेदार किसान अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे, जिससे वे अपना ज्यादा चना MSP पर बेच पाएंगे. उन्होंने इसे किसानों के 8 साल से ज्यादा लंबे संघर्ष की बड़ी सफलता बताया. जाट ने कहा कि राजस्थान में पहले लागू व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी बन रही थी, जिसे अब संशोधित कर दिया गया है.

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