लातूर में 52 एकड़ गन्ना और 200 क्विंटल से ज्‍यादा सोयाबीन फसल जलकर राख, किसानों ने लगाई मदद की गुहार

लातूर में 52 एकड़ गन्ना और 200 क्विंटल से ज्‍यादा सोयाबीन फसल जलकर राख, किसानों ने लगाई मदद की गुहार

महाराष्ट्र के लातूर जिले में आग की दो घटनाओं में किसानों को भारी नुकसान हुआ है. वाकडी गांव में 22 किसानों की 52 एकड़ गन्ने की फसल जल गई, जबकि दूसरे गांव में चार किसानों का करीब 14 लाख रुपये का सोयाबीन राख हो गया. गन्ने के खेत में शॉर्ट सर्किट की आशंका है.

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लातूर में 52 एकड़ गन्ना और 200 क्विंटल से ज्‍यादा सोयाबीन फसल जलकर राख, किसानों ने लगाई मदद की गुहारलातूर में लाखों रुपये की फसल जलकर राख (AI Image)

महाराष्ट्र के लातूर जिले में आग की दो अलग-अलग घटनाओं में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. वाकडी गांव में आग लगने से 22 किसानों की 52 एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल जल गई. वहीं, जिले के एक अन्य गांव में खेतों में रखे सोयाबीन के ढेर आग की भेंट चढ़ गए, जिससे चार किसानों को करीब 14 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. सोयाबीन की घटना में अज्ञात व्यक्ति पर आग लगाने का आरोप है, जबकि गन्ने की फसल में आग लगने की संभावित वजह बिजली के डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. सूखे और पानी की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए इन घटनाओं ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

सोयाबीन के चार ढेर जले, चार किसानों को नुकसान

लातूर जिले में सोमवार देर रात खेतों में रखे सोयाबीन के ढेरों में आग लगने की घटना सामने आई. पुलिस के मुताबिक, अज्ञात व्यक्ति पर सोयाबीन में आग लगाने का आरोप है. प्रभावित किसानों ने पानी की कमी के बावजूद सीमित सिंचाई संसाधनों के सहारे फसल तैयार की थी. कटाई के बाद उन्होंने उपज को खेतों में ढेर बनाकर रखा था, लेकिन आग में उनकी मेहनत से तैयार फसल नष्ट हो गई.

इन किसानों की सोयाबीन फसल जलकर राख

पुलिस ने बताया कि मनोहर गंगाराम बुर्से और शेषराव गंगाराम बुर्से की 18-18 एकड़ जमीन से निकली करीब 75-75 क्विंटल सोयाबीन आग में जल गई. भाऊसाहेब तुकाराम बुर्से की 7.5 एकड़ जमीन पर उगी लगभग 50 क्विंटल उपज भी नष्ट हो गई. वहीं, विष्णुकांत नरसिंग मदलापुरे के करीब 10 क्विंटल सोयाबीन को भी आग से नुकसान पहुंचा. चारों किसानों की कुल क्षति (200 क्विंटल से ज्‍यादा) लगभग 14 लाख रुपये आंकी गई है.

पुलिस निरीक्षक ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

आग की सूचना मिलने पर किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सोयाबीन के चारों ढेर जलकर राख हो चुके थे. ग्रामीणों ने एक अन्य ढेर को आग से बचा लिया, हालांकि उसमें रखी कुछ उपज क्षतिग्रस्त हो गई. जालकोट के पुलिस निरीक्षक श्रीराम माचेवाड ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. राजस्व विभाग के अधिकारी और तलाठी आकाश पवार ने नुकसान का आकलन किया. मामले में शिकायत दर्ज की गई है. ग्रामीणों ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने और प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है.

22 किसानों की 52 एकड़ गन्ने की फसल जली

वहीं, लातूर तहसील के वाकडी गांव में सोमवार दोपहर करीब 12:40 बजे आग लगने से 22 किसानों की 52 एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल जल गई. गांव के उपसरपंच महादेव सोमासे ने बताया कि बिजली के डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट (डीपी) में शॉर्ट सर्किट आग लगने की संभावित वजह है. प्रभावित किसानों की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, आग बिजली के डीपी के पास लगी और वहां से आसपास के गन्ने के खेतों तक फैल गई.

दमकल ने चार घंटे में पाया आग पर काबू

अधिकारियों के मुताबिक, आग की गंभीरता को देखते हुए लातूर नगर निगम और एक चीनी मिल से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. आग पर दोपहर करीब चार बजे तक काबू पाया जा सका. किसान अरुण सोमासे ने बताया कि आग से बड़ी मात्रा में गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है.

कृषि विभाग ने किया नुकसान का आकलन

गन्ने की फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए मंगलवार को कृषि विभाग और पंचायत समिति के अधिकारियों ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया. किसानों ने नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद उचित मुआवजा देने की मांग की है. दोनों घटनाओं में फसल को हुए नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है. सोयाबीन मामले में ग्रामीणों ने जहां आग लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वहीं गन्ना उत्पादक किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन से राहत का इंतजार है. (पीटीआई)

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