मध्य प्रदेश गेहूं खरीदी प्रक्रिया (फाइल फोटो)मध्य प्रदेश सरकार इन दिनों गेहूं खरीदी में आ रही दिक्कतों पर किसानों और विपक्ष दल की तीखी आलोचना का सामना कर रही है. इस बीच, आज एक बार फिर राज्य की मोहन यादव सरकार ने स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ा दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख अब 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने खरीद केन्द्रों पर जरूरत के हिसाब से तौल कांटों की संख्या बढ़ाने की भी बात कही. इसके पहले राज्य सरकार ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 24 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल और फिर 9 मई की थी. वहीं, हाल ही में खरीद लक्ष्य में भी 22 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी की थी.
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग से जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को सुविधा देने के लिए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है. मध्यम और बड़े किसानों को भी स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है, जिसके तहत अब तक 1 लाख 60 हजार 261 किसान स्लॉट बुक कर चुके हैं. प्रदेश में कुल 9.49 लाख स्लॉट बुक हुए हैं और इनमें से 4.49 लाख किसान अपनी फसल बेच चुके हैं. मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर सरकार ने इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन से 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है.
उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 19.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है और इसके बदले किसानों को 2 हजार 547 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. किसानों को राहत देने के लिए हर शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और खरीद जारी रखने का फैसला किया गया है.
साथ ही खरीद केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है और किसानों को अब जिले के किसी भी केंद्र पर फसल बेचने की सुविधा दी गई है. इसके अलावा गुणवत्ता मानकों में ढील देते हुए बिना चमक वाले गेहूं में 50% की छूट, सिंकुड़े गेहूं में ढील की लिमिट 6 फीसदी से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त (टूटे) दानों की सीमा भी 6 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है, जिससे ज्यादा किसानों को सरकारी खरीद का लाभ मिल सके.
एक ओर जहां राज्य सरकार स्लॉट बुकिंग की तारीख बार-बार बढ़ाकर अपने आप को किसान हितैषी बता रही है. वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है. विपक्ष का आरोप है कि गेहूं खरीदी में अव्यवस्था के कारण किसानों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों को केंद्रों पर 2100-2200 रुपये का भाव मिल रहा है, जबकि राज्य सरकार ने 2700 रुपये के भाव का वादा किया था. उन्होंने राज्य सराकर को 7 दिन के अंदर किसानों को अंतर की राशि का भुगतान करने मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई फैसला नहीं हुआ तो वे 7 मई को मध्य प्रदेश से गुजरने वाले आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे को किसानों के साथ मिलकर जाम करेंगे.
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