आंध्र प्रदेश बनेगा मशरूम का हबआंध्र प्रदेश सरकार एक नई और खास योजना शुरू करने जा रही है, जिसका नाम ‘मशरूम मिशन’ है. इस योजना का उद्देश्य राज्य को देश में मशरूम उत्पादन में नंबर वन बनाना है. अभी बिहार मशरूम उत्पादन में आगे है, लेकिन आंध्र प्रदेश सरकार अब इसे पीछे छोड़ना चाहती है. इसके लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी.
इस मिशन के लिए करीब 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें से लगभग 5,184 करोड़ रुपये किसानों को सब्सिडी (आर्थिक मदद) के रूप में दिए जाएंगे. यह पैसा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगे. इस योजना से छोटे और मध्यम स्तर के किसान भी आसानी से मशरूम की खेती शुरू कर सकेंगे और अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे.
सरकार का लक्ष्य है कि राज्यभर में करीब 1.62 लाख मशरूम उत्पादन यूनिट शुरू की जाएं. ये यूनिट छोटे-छोटे जगहों पर बनाई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम मिल सके. खासकर गांवों में रहने वाले लोग और महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपना खुद का काम शुरू कर सकेंगी. इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
सरकार स्वयं सहायता समूह (SHG) की मदद से इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाना चाहती है. इससे महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी. मशरूम की खेती ज्यादा कठिन नहीं होती, इसलिए इसे आसानी से सीखा जा सकता है और कम जगह में भी किया जा सकता है.
इस मिशन में मिल्की मशरूम, पैडी स्ट्रॉ मशरूम और बटन मशरूम जैसे प्रकारों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. मिल्की मशरूम खास होता है, क्योंकि यह गर्मी में भी आसानी से उग जाता है. इससे किसानों को हर मौसम में फायदा मिल सकता है.
मशरूम की मांग भारत में तेजी से बढ़ रही है. इसके साथ ही विदेशों, खासकर खाड़ी देशों में भी इसकी मांग बढ़ रही है. ऐसे में आंध्र प्रदेश के किसान अपनी उपज को विदेशों में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. सरकार इस मिशन के जरिए एक नई खेती से जुड़ी पूरी व्यवस्था तैयार करना चाहती है.
यह ‘मशरूम मिशन’ किसानों के लिए एक बड़ा मौका बन सकता है. इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और उन्हें नई तकनीक से खेती करने का मौका मिलेगा. अगर यह योजना सफल होती है, तो आंध्र प्रदेश देश में मशरूम उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है.
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