Wheat Procurement: गेहूं खरीदी में लक्ष्‍य से इतनी दूर है मध्‍य प्रदेश, आखिरी तारीख नजदीक, पढ़ें डिटेल

Wheat Procurement: गेहूं खरीदी में लक्ष्‍य से इतनी दूर है मध्‍य प्रदेश, आखिरी तारीख नजदीक, पढ़ें डिटेल

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी का आंकड़ा 87 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है और लक्ष्‍य पूरा करने के लिए 13 प्रतिशत से भी कम खरीदी होना शेष है. इस बीच, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सोमवार को खरीद से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं.

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Wheat Procurement: गेहूं खरीदी में लक्ष्‍य से इतनी दूर है मध्‍य प्रदेश, आखिरी तारीख नजदीक, पढ़ें डिटेलमध्‍य प्रदेश गेहूं खरीदी प्रक्रिया (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. राज्‍य में 100 लाख टन के लक्ष्‍य के मुकाबले अब तक 87.71 फीसदी खरीद पूरी हो चुकी है, जबक‍ि लक्ष्‍य पूरा करने के लिए 12.29 प्रतिशत खरीद होना बाकी है. ल‍ेकिन साथ ही गेहूं खरीदी की आखिरी तारीख भी नजदीक है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सोमवार को कहा कि सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव किया है, जिससे खरीद प्रकिया तेज हुई है. उन्‍होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 12 लाख 10 हजार 785 किसानों से 87 लाख 71 हजार 485 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया है, जबकि भुगतान के लिए रसीद जारी करने की समय सीमा रात 12 बजे तक बढ़ाई है.

खरीदी केंद्रों पर बढ़ाए गए तौल कांटे

मंत्री ने कहा कि सरकार ने खरीदी केंद्रों पर किसानों की भीड़ कम करने और तुलाई में तेजी लाने के लिए तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाई है. पहले जहां हर केंद्र पर 4 तौल कांटे लगाए जाते थे, बीते कुछ हफ्तों से इनकी संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है. इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर जिलों को अतिरिक्त तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है. खाद्य विभाग की ओर से पूरे खरीदी अभियान की हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.

किसानों को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार की ओर से किसानों को अब तक 10 हजार करोड़ से ज्‍यादा की राशि का भुगतान किया जा चुका है. वहीं, खरीदे गए गेहूं में से 75 लाख 95 हजार 792 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव भी पूरा हो चुका है. प्रदेश में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है, जबकि राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है. इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर मिल रही है.

भोपाल और उज्जैन डिविजन में सबसे ज्यादा खरीदी

प्रदेश के अलग-अलग डिविजन में गेहूं खरीदी के आंकड़ों में भोपाल और उज्जैन सबसे आगे रहे हैं. भोपाल डिविजन में 24 लाख 62 हजार 136 मीट्रिक टन और उज्जैन डिविजन में 20 लाख 23 हजार 374 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है. इसके अलावा जबलपुर डिविजन में 9 लाख 91 हजार 141, सागर डिविजन में 7 लाख 23 हजार 926, इंदौर डिविजन में 7 लाख 17 हजार 229 और नर्मदापुरम डिविजन में 7 लाख 11 हजार 481 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई है.

रीवा से चंबल तक जारी है खरीदी अभियान

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रीवा डिविजन में 5 लाख 17 हजार 985, ग्वालियर डिविजन में 3 लाख 66 हजार 345 और चंबल डिविजन में एक लाख 96 हजार 685 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी दर्ज की गई है. वहीं, शहडोल डिविजन में अब तक 61 हजार 183 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है. मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी का अभियान 23 मई 2026 तक जारी रहेगा और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है.

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