'...3000 रुपये क्विंटल मिलेगा गेहूं का भाव', MP के CM ने दाम को लेकर दिया बयान, कोदो-कुटकी बोनस पर भी बड़ा अपडेट

'...3000 रुपये क्विंटल मिलेगा गेहूं का भाव', MP के CM ने दाम को लेकर दिया बयान, कोदो-कुटकी बोनस पर भी बड़ा अपडेट

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए गेहूं के MSP को लेकर बड़ी उम्मीद जगी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दाम बढ़ने के संकेत दिए हैं. साथ ही कोदो-कुटकी बोनस पर भी अहम ऐलान हुआ है. कृषि वर्ष 2026 में सरकार की आगे की रणनीति क्या है, जानिए पूरी खबर में.

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'...3000 रुपये क्विंटल मिलेगा गेहूं का भाव', MP के CM ने दाम को लेकर दिया बयान, कोदो-कुटकी बोनस पर भी बड़ा अपडेटअफसरों के साथ बैठक करते हुए सीएम मोहन यादव

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि वर्ष 2026 में गेहूं का भाव 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है और वर्ष 2030 तक इसे 3000 रुपये प्रति क्विंटल करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने यह बात कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत भोपाल में आयोजि‍त एक फूल प्रदर्शनी के कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने साफ किया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है और कीमतों को लेकर भविष्य की ठोस रणनीति तैयार की गई है.

वर्तमान में 2600 रुपये क्विंटल भाव घोषित

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों को पहले ही 2600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का भाव दिया जा रहा है और आगे इसमें बढ़ोतरी की पूरी संभावना है. उन्होंने यह भी बताया कि सोयाबीन किसानों को भावांतर राशि का भुगतान किया जा रहा है, ताकि बाजार में गिरावट का असर सीधे किसान पर न पड़े. सरकार का फोकस खेती को लाभ का धंधा बनाने पर है और इसके लिए फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और कृषि आधारित उद्योगों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है.

डिंडोरी जिले से शुरू होगा कोदो-कुटकी बोनस वितरण

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शनिवार को यह भी घोषणा की कि फरवरी माह में डिंडोरी जिले से कोदो-कुटकी का बोनस बांटा जाएगा. उन्होंने कहा कि कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक और पोषक अनाज फसलों को प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकता है. इसके जरिए आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों के किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा.

कमिश्नर और कलेक्टरों को निर्देश

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर और कलेक्टरों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष के दौरान किसान रथ चलाए जाएं, ताकि योजनाओं की जानकारी सीधे गांव-गांव तक पहुंचे. किसानों से निरंतर संवाद और जैविक खेती के लिए प्रेरित करना भी इस अभियान का अहम हिस्सा होगा.

फूल उत्‍पादन में आगे बढ़ रहा प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के शासकीय गुलाब उद्यान में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव के शुभारंभ के दौरान भी किसानों को लेकर सरकार की सोच स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा पुष्प उत्पादक राज्य बन चुका है और यहां के फूलों की खुशबू पेरिस और लंदन तक पहुंच रही है. प्रदेश में करीब 40 हजार किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती हो रही है. 

राज्य सरकार किसानों को फूलों की खेती के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान उपलब्ध करा रही है, जिससे नकद आय के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही हैं. सूक्ष्म सिंचाई, पॉली और शेडनेट हाउस, पीएमएफएमई जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को सीधा लाभ दिया जा रहा है. 

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