आम बजट में कृषि क्षेत्र के लिए क्या होगा खास? (AI Generated Image)Union Budget 2026-27 से पहले कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों को लेकर किसानों, एग्री इंडस्ट्री और एक्सपर्ट्स की निगाहें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि इस बार बजट में सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि क्षेत्र पर खास ध्यान दे सकती है. महंगाई, जलवायु बदलाव और लागत बढ़ने की चुनौती के बीच किसान संगठनों ने भी सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं. उम्मीद की जा रही है कि कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों (Agriculture and Allied Sectors) के लिए बजट आवंटन में इजाफा हो सकता है.
सरकार जलवायु-लचीली खेती, फसल विविधीकरण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए नई घोषणाएं कर सकती है. खासकर वर्षा आधारित इलाकों के लिए अलग फंडिंग की मांग लगातार उठ रही है.
किसानों को उम्मीद है कि MSP सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बजट में कुछ सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे. दलहन और तिलहन की सरकारी खरीद को बढ़ाने पर भी फोकस रह सकता है. वहीं, किसान संगठनों की मांग है कि MSP को लेकर स्थायी और भरोसेमंद व्यवस्था बनाई जाए. साथ ही इसमें कई और फसलाें को जोड़ा जाए.
PM-KISAN योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाने या उसके स्ट्रक्चर में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है. किसान संगठन भी लगातार 6000 रुपये सालाना की राशि को और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, पिछले बजट से पहले केंद्र ने राशि न बढ़ाने की बात कही थी. लेकिन इस बार अब तक केंद्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
Budget 2026-27 में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और कृषि लोन पर ब्याज राहत जारी रखने की उम्मीद की जा रही है. डेयरी, फिशरीज और पोल्ट्री जैसे जुड़े हुए क्षेत्रों के लिए सस्ते लोन और अलग क्रेडिट पैकेज का ऐलान हो सकता है. FPOs और एग्री स्टार्टअप्स के लिए कोलेटर फ्री क्रेडिट की भी मांग उठ रही है.
एक्सट्रीम वेदर कंडीशन्स को लेकर फसल बीमा को मजबूत बनाने पर सरकार का जोर रह सकता है. तेज क्लेम सेटलमेंट और टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम एक बड़ी मांग बनी हुई.
डेयरी, फिशरीज और पोल्ट्री सेक्टर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कोल्ड चेन और प्रोसेसिंग पर विशेष पैकेज की संभावना जताई जा रही है. इंडस्ट्री की मांग है कि फीड कॉस्ट और इनपुट पर जीएसटी युक्तिकरण किया जाए.
एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि सरकार एक स्टेबल एग्री एक्सपोर्ट पॉलिसी का रोडमैप पेश कर सकती है. फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, स्टोरेज और वैल्यू चैन को मजबूत करने के लिए टैक्स इंसेंटिव और नई योजनाएं आ सकती हैं.
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, बजट 2026-27 में खेती से जुड़ी सब्सिडी और नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है. सर्वेक्षण ने यूरिया सब्सिडी सिस्टम में सुधार और उत्पाद आधारित सहायता के बजाय किसान-केंद्रित या पोषक तत्व आधारित मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है, ताकि सब्सिडी का फायदा सीधे किसानों तक पहुंचे.
इसके साथ ही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाने, संतुलित पोषक तत्व इस्तेमाल और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है. आर्थिक सर्वेक्षण ने कृषि निर्यात नीति को स्थिर रखने और बार-बार लगने वाले निर्यात प्रतिबंधों से बचने पर भी जोर दिया है.
सर्वेक्षण में स्वैच्छिक फसल विविधीकरण और तकनीक आधारित खेती को भविष्य के लिए जरूरी बताया गया है. ऐसे में बजट में दलहन-तिलहन, डिजिटल एग्रीकल्चर और जलवायु जोखिम प्रबंधन से जुड़े कदमों की घोषणा संभव मानी जा रही है.
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