मक्का फसल पर कीट का हमला (सांकेतिक तस्वीर)हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में खरीफ सीजन के दौरान मक्का की फसल पर फॉल आर्मीवर्म के हमले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. सुजानपुर टीरा क्षेत्र के कई गांवों में इस कीट ने खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. लगातार हो रही बारिश के बीच बढ़ते प्रकोप को देखते हुए किसानों ने कृषि विभाग से तत्काल सर्वे और नियंत्रण उपाय शुरू करने की मांग की है. सुजानपुर ब्लॉक की करोट ग्राम पंचायत में फॉल आर्मीवर्म के हमले से मक्का की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है.
पंचायत के पूर्व उपप्रधान जय गोपाल राणा ने बताया कि यह कीट पौधे के अंकुरण वाले हिस्से पर हमला करता है, जिससे तना क्षतिग्रस्त हो जाता है और पौधे का विकास रुक जाता है. उन्होंने कहा कि इस इलाके में पहले कभी इस तरह का कीट नहीं देखा गया था, इसलिए किसान भी इसे लेकर चिंतित हैं.
वहीं, कृषि विशेषज्ञ डॉ. अरविंद चहल ने किसानों को सलाह दी है कि फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण के लिए सुबह या शाम के समय एमामेक्टिन बेंजोएट और कोराजेन जैसे अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करें. उन्होंने बताया कि ये दवाएं कृषि विभाग के बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध हैं. किसानों से समय पर निगरानी और शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रण उपाय अपनाने की भी अपील की गई है.
वहीं, कृषि विभाग ने किसानों से खरीफ सीजन की मक्का और धान की फसलों का बीमा 31 जुलाई तक कराने की अपील की है. कृषि विभाग ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा मिलती है. हमीरपुर जिले की सभी तहसीलों को मक्का फसल बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है, जबकि धान के लिए हमीरपुर, नादौन और भोरंज तहसीलों को शामिल किया गया है.
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 13 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है. राज्य में एक से सात जुलाई के बीच सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है. मॉनसून के दौरान सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने संवेदनशील इलाकों में हजारों कर्मियों और भारी मशीनों की तैनाती की है, ताकि भूस्खलन और बारिश से प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल किया जा सके.
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश में 54.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 43.4 मिमी की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है. सबसे ज्यादा 161 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा किन्नौर में रिकॉर्ड की गई, जबकि लाहौल-स्पीति में सामान्य से 40 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. मंगलवार को लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी 10.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा, वहीं हमीरपुर का नेरी 35.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया. (पीटीआई)
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