पहली बार ओमान निर्यात हुए हिमाचल के चेरी और प्लम, APEDA की मदद से किसानों को मिला विदेशी बाजार

पहली बार ओमान निर्यात हुए हिमाचल के चेरी और प्लम, APEDA की मदद से किसानों को मिला विदेशी बाजार

हिमाचल प्रदेश से पहली बार 400-400 किलोग्राम चेरी और प्लम की खेप ओमान भेजी गई है. बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने खेप को रवाना किया. APEDA, बागवानी विभाग और अन्य एजेंसियों के सहयोग से निर्यात संभव हुआ. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे किसानों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच का बड़ा कदम बताया.

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पहली बार ओमान निर्यात हुए हिमाचल के चेरी और प्लम, APEDA की मदद से किसानों को मिला विदेशी बाजारहिमाचल से ओमान पहुंची चेरी और प्‍लम की खेप

हिमाचल प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र से जुड़ी नई उपलब्धि हासिल की है. राज्य से पहली बार ताजा चेरी और प्लम की खेप ओमान निर्यात की गई है. इस पहल से हिमाचल के फल उत्पादकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है और उन्हें बेहतर दाम मिलने का रास्ता मजबूत होगा. इस पहली खेप में 400 किलोग्राम ताजा चेरी और 400 किलोग्राम ताजा प्लम शामिल थे. बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस निर्यात खेप को औपचारिक रूप से रवाना किया. ओमान पहुंचने के बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने इन फलों के प्रचार के लिए विशेष अभियान चलाया. खुदरा दुकानों में आकर्षक डिस्प्ले के जरिए हिमाचल के फलों को प्रदर्शित किया गया, जहां उपभोक्ताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की जानकारी दी गई.

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मिली सफलता

यह निर्यात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में बागवानी क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है. राज्य के बागवानी विभाग ने पूरी प्रक्रिया का समन्वय किया, ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के जरिए बेहतर मूल्य मिल सके. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने इस निर्यात को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

APEDA ने किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), सहकारी समितियों, निर्यातकों, हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC), राज्य सरकार के विभागों और लॉजिस्टिक साझेदारों के साथ मिलकर काम किया. निर्यात से पहले गुणवत्ता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फाइटोसैनिटरी मानकों सहित सभी अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित किया गया.

वैश्विक बाजार से बढ़ेगी किसानों की आय

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बागवानी विभाग और प्रदेश के फल उत्पादकों को चेरी और प्लम के सफल निर्यात पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश की बागवानी को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह उपलब्धि राज्य के किसानों और बागवानों के लिए समृद्धि के नए अवसर लेकर आएगी. इससे उन्हें उच्च मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी. हमारे बागवानों की मेहनत अब रंग ला रही है और हिमाचल के प्राकृतिक रूप से उच्च गुणवत्ता वाले फलों के लिए दुनिया के बाजार खुलने लगे हैं.

क्‍वालिटी और वैज्ञानिक खेती पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों से गुणवत्ता, ग्रेडिंग और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों पर लगातार ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा, "अगर किसान गुणवत्ता बनाए रखेंगे तो हिमाचल प्रदेश दुनिया भर में प्रीमियम फलों के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकेगा."

सरकार हर स्तर पर देगी सहयोग

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "राज्य सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. तकनीकी मार्गदर्शन, क्षमता विकास, गुणवत्ता सुधार, बेहतर पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाएं और मार्केटिंग में मदद सहित हर संभव सहयोग दिया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य बागवानी को अधिक लाभकारी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है. प्रीमियम गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन और किसानों को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने के लिए कई पहल पहले ही शुरू की जा चुकी हैं."

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है. किसानों की उपज के निर्यात को बढ़ावा देना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने किसानों से उच्च गुणवत्ता वाले पौधरोपण सामग्री अपनाने और वैज्ञानिक खेती के तरीकों का उपयोग कर उत्पादन व गुणवत्ता बढ़ाने का आग्रह किया. 

दूसरे देशों में भी बढ़ेगी पहुंच

उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मार्केटिंग, पोस्ट-हार्वेस्ट अवसंरचना और निर्यात सुविधा उपलब्ध कराने में लगातार सहयोग करती रहेगी, ताकि किसानों को बेहतर कीमत और अधिक आय मिल सके. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विश्वास जताया कि ओमान को किया गया यह सफल निर्यात भविष्य में हिमाचल प्रदेश के फलों के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के दरवाजे भी खोलेगा और राज्य के बागवानी उत्पादों की वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेगा. (एएनआई)

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