जायद फसलों की बंपर बुआई: दलहन, तिलहन और मक्का के रकबे में जोरदार बढ़ोतरी, धान पीछे

जायद फसलों की बंपर बुआई: दलहन, तिलहन और मक्का के रकबे में जोरदार बढ़ोतरी, धान पीछे

08 मई 2026 तक जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुआई में 3.07 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. दलहन, तिलहन, मक्का और श्री अन्न फसलों का रकबा बढ़ा है, जबकि धान की खेती में गिरावट देखी गई है. यह बदलाव किसानों की फसल रणनीति और बाजार मांग में परिवर्तन का संकेत देता है.

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जायद फसलों की बंपर बुआई: दलहन, तिलहन और मक्का के रकबे में जोरदार बढ़ोतरी, धान पीछेजायद फसलों की बुआई में तेजी

केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 08 मई 2026 तक देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुआई में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस साल कुल 83.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुआई हो चुकी है, जो पिछले साल इसी अवधि में 80.01 लाख हेक्टेयर थी. इस तरह कुल मिलाकर 3.07 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

दलहन की खेती में मजबूती

दलहन फसलों का रकबा इस साल किसानों की पहली पसंद बनकर उभरा है. दलहन की बुआई 24.97 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय यह 23.76 लाख हेक्टेयर थी. यानी दलहन क्षेत्र में 1.21 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

  • मूंग (Greengram): 20.07 लाख हेक्टेयर
  • उड़द (Blackgram): 4.60 लाख हेक्टेयर (1.02 लाख हेक्टेयर की बड़ी बढ़त)
  • अन्य दलहन: 0.30 लाख हेक्टेयर

मोटे अनाज (श्री अन्न) की मांग बढ़ी

सरकार के श्री अन्न (मोटे अनाज) को बढ़ावा देने का असर जमीन पर साफ दिख रहा है. इस श्रेणी में इस साल 16.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई, जबकि पिछले वर्ष यह 14.25 लाख हेक्टेयर थी. यानी 1.77 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी.

  • मक्का: 10.00 लाख हेक्टेयर (सबसे बड़ी तेजी, 1.50 लाख हेक्टेयर बढ़ा)
  • बाजरा: 5.40 लाख हेक्टेयर
  • ज्वार और रागी में भी हल्की बढ़ोतरी

तिलहन फसलों ने पकड़ी रफ्तार

तिलहन फसलों का कुल रकबा बढ़कर 11.04 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 9.58 लाख हेक्टेयर था. यानी 1.47 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी.

  • मूंगफली: 5.51 लाख हेक्टेयर (1.31 लाख हेक्टेयर की बढ़त)
  • तिल (Sesamum): 5.07 लाख हेक्टेयर
  • सूरजमुखी: 0.39 लाख हेक्टेयर

धान की खेती में गिरावट

जहां एक ओर अधिकतर फसलों का रकबा बढ़ा है, वहीं धान की बुआई में कमी दर्ज की गई है. इस साल 31.05 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई हुई, जो पिछले साल 32.42 लाख हेक्टेयर थी. यानी 1.36 लाख हेक्टेयर की गिरावट.

क्या है संकेत?

विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की उपलब्धता, बाजार मांग और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के कारण किसान धान के बजाय दलहन, तिलहन और मक्का की ओर अधिक रुख कर रहे हैं. इससे न सिर्फ आय बढ़ने की संभावना है, बल्कि पोषण सुरक्षा और फसल विविधता को भी मजबूती मिल रही है.

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