उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि सभी मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिले. निषाद ने आदेश दिए कि इसके लिए बैंकों से संपर्क कर उनके स्वीकृति की कार्यवाही करायी जाए. साथ ही मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए और इससे मत्स्य पालकों और मछुआरों को लाभान्वित कराया जाए.
मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने लखनऊ विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भारत सरकार ने जो धनराशि वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत की है, उसका पूरा उपयोग समय पर किया जाए.
खर्च का पूरा ब्यौरा और प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेजा जाए, ताकि अगली किस्त की धनराशि समय पर मिल सके और चुनी गई परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी की जा सकें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के लिए जो बजट तय किया गया है, उसके अनुसार जल्द से जल्द लाभार्थियों का चयन पूरा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बजट की पूरी धनराशि सही समय पर खर्च हो.
डॉ. निषाद ने कहा कि मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण और एक्सपोज़र विज़िट का कार्यक्रम उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष और एन.एफ.डी.बी. के जरिए कराया जाए, ताकि उन्हें नई-नई तकनीकों की जानकारी मिल सके. इस बैठक में मत्स्य विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और राज्य सरकार की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की.
इस बैठक में मत्स्य विभाग के महानिदेशक और निदेशक ने मंत्री निषाद को आश्वासन दिया कि उनके निर्देशों पर समय से कार्रवाई की जाएगी. समीक्षा बैठक में महानिदेशक मत्स्य राजेश प्रकाश, निदेशक मत्स्य एन.एस. रहमानी, उप निदेशक मत्स्य पुनीत कुमार, उप निदेशक मत्स्य मोनिशा सिंह, उप निदेशक मत्स्य एजाज अहमद सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.
गौरतलब है कि हाल ही में गोरखपुर में यूपी के कैबिनेट मंत्री व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद के बयान से राजनीतिक गलियारे में भूचाल आ गया था. उन्होंने भाजपा से सवाल करते हुए दो टूक कहा था कि उन्हें लगता है कि छोटे दलों से फायदा नहीं है, तो वे गठबंधन तोड़ दें. डा. संजय निषाद ने कहा कि राजभर और पटेल समाज साल 2022 में सपा के साथ था, तो 40 से 125 पहुंचा दिया था, वे भाजपा के साथ थे, तो योगी-2.0 की सरकार बन गई. ये छुटभैये नेता आज निषाद समाज को गुमराह करने का काम नहीं करें. 2024 की जो हार हुई है, इन्हीं नेताओं की वजह से हुई है, जो समाज को गुमराह करने का काम कर रहे हैं.
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