केज फ्री पोल्ट्री फार्मिंग से किसान बनेंगे आत्मनिर्भर.यूपी सरकार पहली बार पोल्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन करने जा रही है. दो दिन का कॉन्क्लेव लखनऊ में आयोजित किया जाएगा. पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े हर तरह के लोगों को कॉन्क्लेव से जोड़ा जा रहा है. कॉन्क्लेव का मकसद अंडे-चिकन के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पोल्ट्री सेक्टर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को तैयार करना है. गौरतलब रहे बीते साल नवंबर में इसी मकसद से यूपी के पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने हैदराबाद का दौरा किया था. जहां पोल्ट्री इंडिया के पोल्ट्री एक्सपो को देखा था.
वहां पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े लोगों को यूपी के लिए आमंत्रित किया था. हैदराबाद में एशिया के नंबर वन पोल्ट्री एक्सपो का आयोजन किया जाता है. लखनऊ में भी सरकार पोल्ट्री इंडिया के साथ मिलकर पोल्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रही है. कॉन्क्लेव में पोल्ट्री फार्मर, हैचरी फार्मर, साइंटिस्ट, एक्सपर्ट, पोल्ट्री के डॉक्टर, रिसर्चर, अंडा-चिकन कारोबारी, स्टार्टअप और एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के छात्र भी इसमे हिस्सा ले रहे हैं.
मुकेश मेश्राम ने किसान तक को बताया कि यूपी में पोल्ट्री को लेकर बहुत संभावनाएं हैं. यूपी में अंडे की बहुत डिमांड है. बीते साल हैदराबाद में पोल्ट्री सेक्टर के कई बड़े दिग्गजों से मुलाकात हुई थी. ऐसे लोग भी यूपी में पोल्ट्री कारोबार करना चाहते हैं. हम लगातार ऐसे लोगों के बीच जा रहे हैं जो अपने-अपने फील्ड में कामयाबी के साथ काम कर रहे हैं.
ऐसे लोगों की सक्सेस स्टोरी को जनता के बीच में लाया जा रहा है. विभाग भी ऐसे लोगों की मदद कर रहा है जो पोल्ट्री फार्मिंग करना चाहते हैं. सरकार भी इसमे पोल्ट्री से जुड़ी नितियां लाकर पोल्ट्री फार्मर की मदद कर रही है. इतना ही नहीं मछली पालन भी तेजी से बढ़ रहा है. बड़े पैमाने पर बकरी पालन में लोग आ रहे हैं.
पोल्ट्री एक्सपर्ट और फार्मर नवाब अकबर अली का कहना है कि यूपी को सीजन में हर रोज करीब पांच से 5.5 करोड़ अंडा चाहिए. अगर ऑफ सीजन की बात करें तो डिमांड घटकर तीन से 3.5 करोड़ पर आ जाती है. जबकि यूपी में अंडा उत्पादन की बात करें तो 1.50 करोड़ से लेकर 1.70 करोड़ तक ही होता है. हालांकि बीच-बीच में अंडे का उत्पा्दन 2 करोड़ तक भी पहुंच जाता है.
लेकिन इसके पीछे वजह यह है कि नए-नए पोल्ट्री फार्मर बाजार में आते हैं, एक-दो सीजन काम करने के बाद घाटा होने पर बंद करके चले जाते हैं. ऐसे में जब अंडे की कमी होती है तो ट्रेडर्स बरवाला, हरियाणा के अलावा तेलंगाना, आंध्रा प्रदेश, चेन्नई और बंगाल आदि से अंडा मंगाकर डिमांड को पूरा किया जाता है.
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