
अंडे हमारे रोजमर्रा के आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं. पोषक तत्वों से भरपूर ये अंडे कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं. ये न सिर्फ हमारे शरीर को ताकत देता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है. वहीं मुर्गी पालन से आजकल कई किसान खूब कमाई कर रहे हैं. उपभोक्ताओं के बीच अंडों की मांग रोजाना बढ़ती जा रही है. इसी बीच बरेली स्थित केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CARI Bareilly) के वैज्ञानिकों ने अंडे की इस बर्बादी को रोकने के लिए एक खास हर्बल स्प्रे तैयार किया है. इससे अंडे की लाइफ चार गुना तक बढ़ जाएगी. संस्थान के पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. जयदीप रोकड़े ने इंडिया टुडे के किसान तक से बातचीत में बताया कि करीब एक साल के अथक प्रयास के बाद इस हर्बल स्प्रे को तैयार कर पाए हैं.
डॉ जयदीप बताते हैं कि अंडे की मुख्य बर्बादी उसके ट्रांसपोर्टेशन, कलेक्शन व स्टोरेज के दौरान होती है. अंडे में 15-16 हजार पोर्स यानी छिद्र होते हैं. मुर्गी के अंडा देने के बाद शुरुआती एक घंटे में इन छिद्रों में से 300-400 खुले रहते हैं. समय बीतने के साथ छिद्र खुलते जाते हैं. तीन से चार दिन के बाद करीब 70 फीसदी छिद्र खुल जाते हैं. इसी के रास्ते बैक्टीरिया अंडे में प्रवेश कर उन्हें खराब कर देते हैं.
उन्होंने बताया कि एक ऐसा कवच तैयार किया गया जिससे बैक्टीरिया को अंदर जाने से रोक दें, तो अंडा अधिक समय तक सुरक्षित रहेगा. अंडा खाद्य उत्पाद है, इसलिए ऐसा समाधान ढूंढना था, जो रसायन-मुक्त हो और सेहत के लिए नुकसानदायक न हो. इसीलिए, जड़ी-बूटियों की मदद से स्प्रे बनाया गया है. डॉ. जयदीप ने बताया कि हमने जो स्प्रे बनाया उसे 'कैरी एग शील्ड' नाम दिया है. यह स्प्रे एक बार करना होता है, जो दो तरह से उसे सुरक्षित करता है. पहला, यह स्प्रे अंडे के ऊपर मौजूद बैक्टीरिया को मारता है. दूसरा, यह अंडे पर एक कवच बना देता है, जिसकी वजह से बैक्टीरिया छिद्रों के रास्ते अंडे के अंदर नहीं जा पाते. इसके परिणाम बहुत अच्छे मिले हैं.
ICAR-CARI बरेली के वैज्ञानिक ने आगे बताया कि गर्मी के दिनों में फ्रिज के बाहर जो अंडा एक हफ्ते चलता है, वह इस स्प्रे का इस्तेमाल होने के बाद चार हफ्ते तक खराब नहीं होता. इसी तरह, फ्रिज के अंदर अंडा 21-22 दिन चलता है. जबकि, हमारे लैब में अंडे की ऐसी ट्रे हैं, जिन पर इस स्प्रे को करने के बाद फ्रिज में रखा गया था. इसमें 60 से 90 दिन तक अंडा सुरक्षित पाया गया. इस स्प्रे के उपयोग से फ्रिज में भी अंडे की लाइफ तीन माह तक हो जाती है.
डॉ जयदीप बताते हैं, उत्तर भारत में अंडे का उत्पादन कम होने की वजह से तेलंगाना, महाराष्ट्र आदि राज्यों से आता है. यहां से अंडा लाने के लिए कोई एसी वाहन नहीं है. बल्कि साधारण वाहनों से अंडा लाया जाता है. रास्ते में तापमान अधिक होने की वजह से अंडा और भी जल्दी खराब होता है. ऐसे में इस स्प्रे के इस्तेमाल से अंडे को सुरक्षित रखा जा सकता है.
इस एग स्प्रे की लागत भी काफी कम है. संस्थान में इसे तैयार करने की कीमत लगभग 70 से 90 रुपये प्रति लीटर की आ रही है. एक ट्रे में 30 अंडे होते हैं जिन पर सिर्फ दो से ढाई एमएल स्प्रे की जरूरत होती है. इस तरह एक अंडे पर खर्च जोड़ लीजिए, न के बराबर है. उन्होंने बताया अगले साल 2025 जनवरी तक इसे बाजार में लाने का प्रयास किया जा रहा है.
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