Goat Farming: क्लस्टर में बकरी पालन किया तो होगा बड़ा मुनाफा, दूध-मीट दोनों की बढ़ेगी डिमांड 

Goat Farming: क्लस्टर में बकरी पालन किया तो होगा बड़ा मुनाफा, दूध-मीट दोनों की बढ़ेगी डिमांड 

Goat Farming खुशखबरी ये है कि बकरी पालन में सरकार, निजी क्षेत्र और किसान समूह मिलकर जलवायु-संवेदनशील, महिला-नेतृत्व वाली बकरी मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए एकजुट हो रहे हैं. क्योंकि बकरी पालक अभी भी आधी-अधूरी पशु चिकित्सा देखभाल, गुणवत्तापूर्ण चारे की कमी, कम उत्पादकता और सीमित बाजार कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है.

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Goat Farming: क्लस्टर में बकरी पालन किया तो होगा बड़ा मुनाफा, दूध-मीट दोनों की बढ़ेगी डिमांड बाजार में जमनापारी और जखराना बकरे-बकरियों की डिमांड बढ़ गई है. फोटो क्रेडिट-किसान तक

किसानों की इनकम डबल करने में बकरी पालन अहम रोल निभा सकता है. अभी जो बकरी पालन किया जा रहा है वो न तो योजना के अनुसार है और न ही अभी बकरी पालन सेक्टर का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है. क्योंकि इसके लिए अभी तक ज्ञान, साझेदारी और नस्ल सुधार पर कोई खास काम नहीं हुआ है. और इस पर काम करने के लिए जरूरी है कि राष्ट्रीय संसाधन संगठन बनाया जाए. ये संगठन राष्ट्रीय स्तर पर काम करेगा. जैसे उदाहरण के तौर पर पश्चिम बंगाल में ब्लैक बंगाल बकरी क्लस्टर (ग्रुप) की कामयाबी. 

क्लस्टर का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि क्लस्टर के चलते टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बाजार तक पहुंच आसान हो जाती है. और एक बड़ा फायदा ये कि क्षेत्रीय डेटा निजी निवेश को बढावा देता है. गौरतलब रहें भारत में 15 करोड़ से बकरियां हैं और लगभग 3.3 करोड़ ग्रामीण परिवार बकरी पालन पर निर्भर हैं. लेकिन भारत की बकरी अर्थव्यवस्था के लिए एक स्मार्ट और समावेशी भविष्य का खाका तैयार करने की जरूरत है. 

विकसित भारत के बकरी पालन का रोडमैप 

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG), मथुरा के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेतली का कहना है कि बकरी पालन से जुड़ा विकसित भारत रोडमैप एक दूरदर्शी रणनीति है, जिसका मकसद उत्पादकता बढ़ाना, लचीलापन मजबूत करना, विज्ञान-संचालित, जलवायु-स्मार्ट नवाचारों के माध्यम से मूल्य श्रृंखला को आगे बढ़ाना है. वहीं उद्देश्य महिलाओं और छोटे किसानों को केंद्र में रखते हुए एकीकृत मॉडल के माध्यम से बकरी-आधारित आजीविका को मजबूत बनाना है.

बकरी पालन से जुड़े कुछ और खास फैक्ट

  • गाय के मुकाबले बकरी सस्ती आती है. 
  • बकरी पालन कम जगह में किया जा सकता है.
  • बकरी को खूंटे से बांधकर भी पाला जा सकता है. 
  • बरबरी बकरी घर की छत पर रहकर भी पल जाती है. 
  • बकरी दूध-बच्चे देना बंद कर दे तो उसे मीट के लिए बेच सकते हैं.
  • बकरी की मेंगनी बेचकर हर महीने आठ से दस हजार कमा सकते हैं. 
  • बकरी एटीएम है, इसे कभी भी नकद बेचा जा सकता है.

अगर कोई बीटल बकरी को दूध का कारोबार करने के लिहाज से पालता है तो वो भी अच्छी कमाई कर सकता है. क्योंकि आज बकरी के दूध की डिमांड को देखते हुए उसकी कोई एक कीमत तय नहीं है. जो पंजाब बकरी पालने में शर्म महसूस करता था आज उसी पंजाब में बकरियों के 250 से ज्यादा बड़े फार्म हैं. ज्यादातर लोग बकरी के दूध का कारोबार कर रहे हैं.

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