Halal Meat: इन 15 देशों में बढ़ जाएगा भारत से हलाल मीट का एक्सपोर्ट, ये है वजह

Halal Meat: इन 15 देशों में बढ़ जाएगा भारत से हलाल मीट का एक्सपोर्ट, ये है वजह

Halal Meat एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 तक विश्व में हलाल फूड इंडस्ट्री का कारोबार दो लाख करोड़ डॉलर का था, जो साल 2027 तक चार लाख करोड़ डॉलर का होने की उम्मीद है. इसी के चलते विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से सभी 15 देशों की लिस्ट जारी की थी. ये वो देश हैं जिन्हें पहले से ही मीट एक्सपोर्ट किया जा रहा है. 

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Halal Meat: इन 15 देशों में बढ़ जाएगा भारत से हलाल मीट का एक्सपोर्ट, ये है वजहहलाल सर्टिफिकेशन

भारत से बफैलो (भैंस) का मीट खरीदने वालों की एक लम्बी फेहरिस्त है. बावजूद इसके और भी बहुत सारे ऐसे देश हैं जो भारत से मीट खरीदना चाहते हैं. लेकिन उन्हें हलाल सर्टिफिकेट के साथ मीट चाहिए. केन्द्र सरकार के दखल के बाद से इस मामले को सुलझा लिया गया है. अब हलाल मीट एक्सपोर्ट के लिए सरकार हलाल सर्टिफिकेट जारी करेगी. इसकी जरूरत इस लिए पड़ी है क्योंकि मीट एक्सपर्ट के मताबिक इंटरनेशनल बाजार में मीट की डिमांड बढ़ रही है. अब भारत से मीट एक्सपोर्ट करने वाले कारोबारियों को दुनिया के खास 15 देशों में मीट एक्सपोर्ट को बढ़ाने को मौका मिल जाएगा. 

क्योंकि नए नियम के तहत मीट खरीदने वाले इन 15 देशों ने मीट सप्लाई के साथ ही मीट के हलाल होने का सर्टिफिकेट भी मांगा था. सरकार के दखल के साथ एक्सपोर्टर को ये सर्टिफिकेट देश की कुछ तय की गईं संस्थाएं देंगी. संस्थाओं को सरकार ने मान्यता दी है. भारत अनुरूपता मूल्यांकन योजना (I-CAS) ने हलाल से जुड़े मानक तय किए हैं जिनका पालन करना होगा. और तय किए गए मानकों की निगरानी भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) करेगी.

ये 15 देश खरीदेंगे हलाल मीट

विदेश व्यापार महानिदेशालय की ओर से जारी हुई लिस्ट के मुताबिक भारत से बहरीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, जॉर्डन, कुवैत, मलेशिया, ओमान, फिलीपींस, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात को हलाल मीट एक्सपोर्ट किया जाएगा. भारतीय गुणवत्ता परिषद इसकी निगरानी करेगी. साथ सरकार से मान्यता प्राप्त देश की तीन संस्थाएं लखनऊ का हलाल शरीयत इस्लामिक लॉ बोर्ड (HASIL), मुम्बई का JUHF सर्टिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड और जमीयत उलमा ए हिंद हलाल ट्रस्ट इन्हें हलाल मीट होने का सर्टिफिकेट देंगी. 

मशीनों से कटा हुआ भी होता है हलाल 

आपको ये जानकर हैरत होगी लेकिन सच ये ही है कि मीट प्रोसेसिंग यूनिट में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की टाइमिंग भी हलाल सर्टिफिकेट के नियमों के मुातबिक सेट की जाती है. अगर मशीनों की टाइमिंग हलाल के हिसाब से नहीं है तो उस कंपनी को सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा. इतना ही नहीं कंपनी में जानवर या मुर्गे को हलाल (काटने) करने वाला कर्मचारी मुस्लिम होना जरूरी है.

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