Animal Care: 3 साइंटिस्ट के ये खास टिप्स अपनाए तो पशुपालन में नहीं होगा नुकसान 

Animal Care: 3 साइंटिस्ट के ये खास टिप्स अपनाए तो पशुपालन में नहीं होगा नुकसान 

Animal Care गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (गडवासु), लुधियाना के एनिमल साइंटिस्ट की मानें तो इस तरह के मौसम को देखते हुए एनिमल शेड मैनेजमेंट, पानी का इस्तेमाल, फीड और फोडर मैनेजमेंट में बदलाव और हैल्थ मैनेजमेंट करने के साथ-साथ पशुओं के तनाव को कम करने की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए. 

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Animal Care: 3 साइंटिस्ट के ये खास टिप्स अपनाए तो पशुपालन में नहीं होगा नुकसान 

मौसम के चलते पशुओं को होने वाली बीमारियां और संक्रमण पशुपालक के नुकसान की बड़ी वजह होते हैं. गर्मी का मौसम हो तो अलग तरह का नुकसान होता है, सर्दी के मौसम में बीमारियां अलग नुकसान पहुंचाती हैं. बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान संक्रमण की वजह से होता है. पशुओं की खुराक का कम होना, दूध उत्पादन का घटना, पशु हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस की चपेट में आना आम बात है. कई बार तो पशु जानलेवा बीमारियों और संक्रमण की चपेट तक में आ जाते हैं. तनाव को कम करने के लिए अच्छे फीड मैनेजमेंट को अपनाना चाहिए. 

खुराक कम होने पर शरीर में एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए बाइपास और प्रिर्जव फैट का इस्तेमाल किया जा सकता है. गर्मी के दौरान पशुपालन में किए जाने वाले बदलाव के लिए एनिमल एक्सपर्ट और साइंटिस्ट के बताए टिप्स पर ही काम करना चाहिए. गाय के मुकाबले भैंसों को गर्मियों में ज्यादा परेशानी होती है. भैंस गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाती है, जिसके चलते एक साथ कई बीमारियों की चपेट में आ जाती है. 

साइंटिस्ट डॉ. यशपाल सिंह के टिप्स 

  • डेयरी पशुओं को शेड में खड़े होने और आराम करने की जगह दें.
  • पशुओं के लिए हवादार शेड का इंतजाम करना चाहिए. 
  • शेड के खुले सिरे को छप्पर, जूट, पर्दों से ढक देना चाहिए. 
  • शीट की छत को भी छप्पर से ढका जा सकता है.
  • एनिमल शेड की छत सफेद और नीचे के हिस्से को गहरे रंग से रंग दें. 
  • शेड को ठंडा रखने के लिए दक्षिणी दीवार के किनारे पेड़ लगाएं. 
  • एनिमल शेड में पीने के साफ और स्वच्छ पानी का इंतजाम रखें. 
  • सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक 3-4 बार पशुओं पर पानी छिड़कना चाहिए.
  • शेड में पानी की बौछार, छिड़काव और फॉगिंग करने से गर्मी कम होती है. 
  • भैंस हैं तो उन्हें सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तालाब में नहाने का मौका दें.
  • मुमकिन हो तो शेड में पंखे, गीले पर्दे या पैनल, कूलर का इस्तेमाल करें. 
  • पर्याप्त मात्रा में ताजा, ठंडा पीने योग्य पीने का पानी (आमतौर पर गांवों में उपयोग किए जाने वाले मिट्टी के घड़े में) का प्रावधान भी गर्मी के भार को कम करने में मदद करता है. 

साइंटिस्ट डॉ. जसपाल सिंह हुंदल के टिप्स 

पशुओं में गर्मी का तनाव और उससे होने वाले नुकसान को अच्छी खुराक से कम करें. 
गर्मियों के दौरान पशुओं की खुराक कम हो तो बाइपास और प्रिजर्व फैट का इस्तेमाल करें.
पशुओं की खुराक में मक्का सिलेज, बरसीम घास और ताजा हरा चारा इस्तेमाल करें. 
खनिज संतुलन बनाए रखने के लिए खमीर, सोडियम बाइकार्बोनेट, इलेक्ट्रोलाइट्स और पर्याप्त पोटेशियम, सोडियम और मैग्नीशियम मददगार होता है. 
नम टीएमआर दें और शाम-रात के घंटों के दौरान 60-70 फीसद राशन खिलाएं. 

पशुपालकों के लिए डॉ. परमजीत कौर के टिप्स  

पशुओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डीवार्मिंग और वैक्सीनेशन कराएं. 
गर्मियों के दौरान एक्टो-परजीवियों का संक्रमण बढ़ जाता है.
परजीवियों से बचाव के लिए पशुओं संग शेड में एसारिसाइडल स्प्रे कराएं. 
एनिमल शेड में जैव सुरक्षा का पालन बहुत जरूरी है, दवा का छिड़काव करें. 

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