Goat Market: बकरीद के बाजार में खूब होगा मुनाफा, लेकिन पूरे साल ऐसे पालने होंगे बकरे

Goat Market: बकरीद के बाजार में खूब होगा मुनाफा, लेकिन पूरे साल ऐसे पालने होंगे बकरे

Goat Market देश के स्थानीय बाजारों में, कोलकाता में दुर्गा पूजा और बकरीद के मौके पर बकरों की डिमांड किसी से छिपी नहीं है. बकरीद से कई दिन पहले लाखों बकरे दूसरे देशों को को भी एक्सपोर्ट किए जाते हैं. अगर मीट के लिए अच्छी‍ मानें जाने वाली नस्ल के बकरों को अच्छे तरीके से पाला जाए तो वो मोटा मुनाफा देते हैं. 

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Goat Market: बकरीद के बाजार में खूब होगा मुनाफा, लेकिन पूरे साल ऐसे पालने होंगे बकरेबरबरी नस्ल की बकरियां. फोटो क्रेडिट-किसान तक

बड़ी संख्या में और मुंह मांगे दामों पर बकरे साल में सिर्फ एक बार ही बिकते हैं. और ये मौका होता है बकरीद का. बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त होती है. सिर्फ एक महीन में ही करीब 2.5 करोड़ से ज्यादा बकरे गांव की हाट और शहरों की मंडियों में बिक जाते हैं. इस दौरान बकरा पालन और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. गोट एक्सपर्ट की मानें तो बकरे बेचकर मोटा मुनाफा कमाने के लिए पूरे साल तैयारी करनी होगी. बकरों की खि‍लाई-पिलाई से लेकर बकरों की अच्छी नस्ल का चुनाव भी करना होगा. 

क्योंकि बकरीद की जरूरत का बकरा पांच शर्तों पर खरा उतरना चाहिए. तब ही वो बाजार में बिक पाता है. और अगर पशु पालक इन पांच शर्तों को पूरा करता है तो फिर उसे बकरे के अच्छे दाम मिल जाते हैं. 5 शर्तों में एक बड़ी शर्त ये भी है कि बकरे का हेल्दी और मोटा-ताजा होना बेहद जरूरी है. यही वजह है कि बकरा बाजार में 40 किलो से लेकर 60-70 किलो वजन वाले बकरे खूब बिकते हैं और मुनाफा भी कराते हैं.  

बकरा पालन में अपनाएं ये तरीका 

धौलपुर, राजस्थान के बकरी पालक इकबाल का कहना है कि आमतौर पर लोग दो से तीन महीने का बकरी का बच्चा लाकर पालते हैं. इस बच्चे की कीमत 4.5 से 5 हजार रुपये तक होती है. इसके बाद 9 से 10 महीने इस बच्चे को पाला जाता है. पालने के दौरान एक बच्चे पर खुराक और दवाई आदि का खर्च लगाकर 7 से 8 हजार रुपये लागत आती है. इस तरह से एक साल बाद बकरी का बच्चा 12 से 13 हजार रुपये में तैयार होता है. लेकिन, अगर बकरी पालकर उससे बच्चे लें तो एक साल का बकरा हमे सस्ता पड़ेगा.

बकरियों की ज्यादातर नस्ल साल में 2 बार तक 4 से 5 बच्चे देती हैं. तीन महीने तक तो बच्चा बकरी का दूध पीकर जिंदा रहता है. इस दौरान सिर्फ एक बकरी को चारा खिलाने का खर्च आएगा, लेकिन उस बकरी पर दो बच्चे पल जाएंगे. इस तरह से दो बच्चों को खरीदने के खर्च करीब 10 हजार रुपये से बच जाएंगे. और इसका एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चा तीन महीने तक लगातर बकरी का दूध पिएगा जिससे उसकी ग्रोथ अच्छी होगी और मीट भी क्वालिटी का बनेगा. 

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