World Milk Day: महिलाओं के हाथों में है 14 लाख करोड़ वाले इस बाजार की कमान

World Milk Day: महिलाओं के हाथों में है 14 लाख करोड़ वाले इस बाजार की कमान

World Milk Day भारत दूध उत्पादन में नंबर वन है. बीते साल ही 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. अच्छी बात ये है कि कल तक पशुओं के बाड़े तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब बाजार में डेयरी प्लांट और मिल्क कोऑपरेटिव को दूध बेच रही हैं. पशुपालन और डेयरी सेक्टर की कमान महिलाओं के हाथों में आ गई है. 

Advertisement
World Milk Day: महिलाओं के हाथों में है 14 लाख करोड़ वाले इस बाजार की कमानकामयाब डेयरी फार्मर विदु को डेयरी कांफ्रेंस, पटना में सम्मानित किया गया.

एनिमल शेड यानि पशुओं के बाड़े में सुबह की शुरुआत गाय-भैंस को चारा देना. पानी पिलाना और साफ-सफाई करने से होती है. इसके बाद पशुओं का दूध निकालने के बाद उसे डेयरी प्लांट या मिल्क कोऑपरेटिव सोसाइटी के कलेक्शन सेंटर पर पहुंचाया जाता है. फिर दिन में पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना. दूध से घी-मक्खन जैसे प्रोडक्ट बनाना. और शाम होते ही सुबह वाले रूटीन को दोहराना. और ये सब काम करती हैं घर की महिलाएं. एक आंकड़े के मुताबिक डेयरी सेक्टर में जो कुल वर्क फोर्स है उसमे 70 से 80 फीसद महिलाएं हैं. लेकिन अच्छी बात ये है कि महिलाएं अब पशुओं की देखभाल और उनका दूध दुहाने से लेकर बाजार में दूध को बेचने का काम भी कर रही हैं. 

महीने का करोड़ों रुपये का लेन-देन भी खुद संभालती हैं. बड़ी संख्या में मिल्क सोसाइटियों की लीडर महिलाएं हैं. पशुपालन और डेयरी सेक्टर को खास मुकाम देने वालीं महिलाएं न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही हैं. बीते साल ही ऑल वीमेन श्रीजा मिल्क प्रोड्यूसर संगठन को शिकागो में वर्ल्ड डेयरी समिट में अंतर्राष्ट्रीय डेयरी फेडरेशन ने डेयरी इनोवेशन अवार्ड से नवाजा है. 

डेयरी में महिलाओं की हिस्सेदारी

  • 35 फीसद सहकारी डेयरी में महिलाओं की हिस्सेदारी है. 
  • 48 हजार से ज्यादा गांव स्तर की डेयरी सहकारी समितियों को महिलाएं चला रही हैं.  
  • एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज़ (एनडीएस) 23 मिल्क प्रोड्यूसर संगठनों को सहयोग करता है. 
  • 16 मिल्क प्रोड्यूसर संगठनों को पूरी तरह से महिलाएं संचालित कर रही हैं. 
  • सभी 16 मिल्क प्रोड्यूसर संगठनों की डायरेक्टर भी महिलाएं ही हैं. 
  • सभी 16 एमपीओ 35 हजार गांवों में करीब 12 लाख दूध उत्पादकों को जोड़ते हैं. 
  • 2025 में ऑल वीमेन श्रीजा मिल्क प्रोड्यूसर संगठन को शिकागो में सम्मानित किया गया था. 
  • वर्ल्ड डेयरी समिट में अंतर्राष्ट्रीय डेयरी फेडरेशन ने डेयरी इनोवेशन अवार्ड दिया था. 
  • 2023-24 में नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के तहत महिलाओं को फाइनेंशि‍यल मदद दी गई.
  • भेड़-बकरी पालन और चारा यूनिट के लिए महिलाओं के 200 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर हुए. 
  • 200 करोड़ के प्रस्ताव में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी दी गई.
  • श्वेत क्रांति 2.0 (White Revolution 2.0) में महिलाओं को मजबूत बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने को खास जगह दी गई है. 

ये है महिलाओं का नेटवर्क

भारत में सहकारी डेयरी क्षेत्र बहुत बड़ा और सुव्यवस्थित है. 2025 तक 22 मिल्क फेडरेशन, 241 जिला सहकारी संघ, 28 मार्केटिंग डेयरियां और 25 मिल्क प्रोड्यूसर संगठन (एमपीओ) काम कर रहे हैं. ये सभी मिलकर करीब 2.35 लाख गांवों को कवर करते हैं और 1.72 करोड़ डेयरी किसान इसके मेम्बर हैं.

भारत का डेयरी बाजार 

  • भारत का डेयरी सेक्टर 14 लाख करोड़ रुपये का है. 
  • कुल घी का कारोबार 3.5 से चार लाख करोड़ का है. 
  • 2032 तक घी कारोबार सात लाख करोड़ का हो सकता है. 
  • देश में मक्खन का बाजार 55 से 60 हजार करोड़ रुपये का है. 
  • 2032 तक मक्खन बाजार एक से सवा लाख करोड़ का हो सकता है. 
  • भारत में मक्खन का कुल उत्पादन करीब 60 लाख टन है. 
  • भारत में विश्व के कुल मक्खन उत्पादन का 58 फीसद उत्पादन होता है. 
  • विश्व मक्खन उत्पादन में यूरोपीय संघ का 18, यूएसए 8 और न्यूजीलैंड 4 फीसद का योगदान है. 
  • साल 2014-15 में भारत में दूध उत्पादन 14.6 करोड़ टन हुआ था. 
  • साल 2024-25 में भारत में दूध उत्पादन 25 करोड़ टन हुआ है. 

ये भी पढ़ें-

पशुपालकों और पर्यावरण तक के लिए ऐसे फायदेमंद है वाइट रेवोलुशन-2

गर्मियों में भी खूब होगा मछली उत्पादन, गडवासु के फिशरीज एक्सपर्ट ने दिए टिप्स 

POST A COMMENT