बरसीम की फसल को पशुओ के लिए हरे चारे के रूप में उगाया जाता हैGreen Fodder in Rainy Season दुधारू पशु भेड़-बकरी हो या गाय-भैंस, हरा चारा सभी के लिए बहुत जरूरी होता है. केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. एमके ने किसान तक को बताया कि खासतौर पर बकरियों को हरा चारा खिलाने से बहुत सारे मिनरल्स, प्रोटीन और खास विटामिन की जरूरत पूरी होती रहती है. हरे चारे से बकरी जहां दूध ज्यादा देती है वहीं बकरे की ग्रोथ जल्दी होती है. इतना ही नहीं बकरी जो बच्चे देती है वो भी हैल्थी पैदा होते हैं. और अच्छी बात ये है कि हरे चारे में कुछ पत्ते ऐसे होते हैं जो बकरे-बकरियों के लिए दवाई का काम करते हैं.
बरसात के दिनों में अगर खासतौर से चारे की फसल के बजाए बकरियों का पेड़ों के पत्ते खिलाए जाएं तो ज्यादा फायदेमंद रहता है. जैसे जामुन, अमरुद, नीम और मोरिंग के पत्ते खिलाने से कई बीमारियों का इलाज भी हो जाता है.
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