Animal Disease: 100 मर्ज की एक दवा ‘मीठा सोडा’, गाय-भैंस को खि‍ला रहे हैं तो हो जाएं अलर्ट 

Animal Disease: 100 मर्ज की एक दवा ‘मीठा सोडा’, गाय-भैंस को खि‍ला रहे हैं तो हो जाएं अलर्ट 

Animal Disease पशुओं से जुड़ी कई तरह की परेशानियों में मीठा सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि हर बात में मीठा सोडा खि‍लाया जाए. कई बार ये नुकसान भी पहुंचा सकता है. इंसान हों या पशु सभी के शरीर में सोडियम की मात्रा तय है. कम और ज्यादा होने पर नुकसान हो सकता है. 

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Animal Disease: 100 मर्ज की एक दवा ‘मीठा सोडा’, गाय-भैंस को खि‍ला रहे हैं तो हो जाएं अलर्ट 

Animal Disease पशु दूध कम दे रहा है, पशु चारा कम खा रहा है. दूध में फैट अच्छी नहीं आ रही है. दूध का एसएनएफ गिर रहा है. पशु का हाजमा खराब हो गया है या फिर पशु का पेट फूल रहा है तो मीठा सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) खि‍ला दो. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादातर पशुपालकों के लिए गाय-भैंस में 100 मर्ज की दवा सिर्फ एक मीठा सोडा होता है. अगर आप भी अपने पशुओं को मीठा सोड़ा खि‍ला रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं. डॉक्टरी सलाह और जरूरत के मुताबिक मीठा सोडा जितना फायदेमंद हैं उतना ही नुकसानदायक भी साबित हो सकता है. 

इसलिए अगर आप गाय-भैंस को मीठा सोडा खि‍ला रहे हैं तो बहुत ही कम मात्रा से शुरुआत करें. वहीं पशुओं की दो-तीन ऐसी स्टेज हैं जब पशु को बहुत ही एहतियात के साथ खि‍लाना चाहिए या फिर खि‍लाना ही नहीं चाहिए. एक्सपर्ट मीठा सोडा खि‍लाने की मना नहीं करते हैं, लेकिन कब और कितना खि‍लाना है इसका एक तरीका है. और खि‍लाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए.  

मीठा सोडा खि‍लाने वाले जरूर पढ़ें ये टिप्स  

दुधारू पशुओं के लिए मीठा सोडा बहुत ही उपयोगी माना जाता है. पशुपालन में इसका इस्तेमाल खासतौर पर पशु के पाचन को सुधारने और दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाता है.

मीठा सोडा के फायदे 

  • जब गाय-भैंस या भेड़-बकरी ज्यादा दाना या अनाज खा लेते हैं तो एसिडिटी बढ़ जाती है. मीठा सोडा इस एसिडिटी को कम करके पेट का pH लेवल संतुलित रखता है.
  • पशु का पाचन सही रहता है तो उसके दूध में फैट भी अच्छी मात्रा में बनता है. 
  • पशु की खुराक कम हो रही है या जुगाली कम कर रहा है, तो मीठा सोडा देने से उसकी भूख और खाने की क्षमता बढ़ती है.
  •  पेट में गैस बनने या पेट फूलने जिसे अफरा भी कहा जाता है की परेशानी मीठा सोडा देने से ठीक हो जाती है. 
  • एसिडिटी की वजह से पशु को दस्त हो गए हैं, गोबर पतला कर रहा है, तो मीठा सोडा दे सकते हैं.

मीठा सोडा खि‍लाने का सही तरीका 

एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक मीठा सोडा खि‍लाने की का वक्त और उसकी मात्रा हमेशा पशु की स्थिति और उसकी डाइट के हिसाब से तय की जाती है. 

  • सामान्य हालात में 30 से 50 ग्राम रोजाना दाना मिश्रण में मिलाकर खि‍लाया जा सकता है. 
  •  एक्सपर्ट की सलाह पर  ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को 50 से 100 ग्राम तक दे सकते हैं. 
  • अफारा या गैस होने पर 100 ग्राम मीठा सोडा तेल या पानी के साथ घोल बनाकर दे सकते हैं. 

मीठा सोडा कब देना ज्यादा जरूरी है

  • जब पशु की खुराक में शामिल दाना अचानक बदला जा रहा हो. 
  • जब पशुओं की खुराक में अनाज, खली ज्यादा और हरा चारा कम हो.
  • अगर पशु जुगाली कम कर रहा है तो उसे मीठा सोडा दे सकते हैं. 

जरूर बरतें ये सावधानियां 

  • लगातार मीठा सोडा न खि‍लाएं, जब पशु को ज्यादा दाना खि‍लाया जा रहा हो या पाचन की परेशानी हो तो दे सकते हैं. 
  • पशुओं को साधारण नमक खि‍ला रहे हैं तो सोडे की मात्रा का ध्यान रखें, जिससे शरीर में सोडियम का संतुलन न बिगड़े.
  • पशु गाभि‍न है या कोई दूसरी गंभीर बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह पर ही मीठा सोडा खि‍लाएं. 

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