
Calf Care in Winter सर्दियों के मौसम में पशुओं को दिए जाने वाले चारे में धीरे-धीरे बदलाव करना जरूरी होता है. क्योंकि पशुओं को नए तापमान के हिसाब से ढलना भी होता है. पशुओं के पेट और उसके दूसरे हिस्सों को नए चारे के हिसाब से ढलने में समय भी लगता है. मवेशी ठंड के तापमान से निपटने के लिए सर्दियों में मोटे बाल उगाते हैं जिससे शरीर की गर्मी का उत्पादन बढ़ता है. यह आमतौर पर दिल की धड़कन और सांस लेने की स्पीड बढ़ाकर किया जाता है. ऐसा करने से शरीर के अंगों में खून का बहाव बढ़ जाता है. ठंड के तनाव को झेलने के लिए आमतौर पर पशुओं को करीब 20 फीसद ज़्यादा चारे की ज़रूरत होती है. पतली गायों के मामले में ब्याने के बाद पहला एस्ट्रेस सामान्य स्वस्थ गाय की तुलना में 20 दिन बाद आता है.
पहली सर्विस में गर्भधारण की दर भी पतली गायों में लगभग 20 फीसद कम होती है और ब्याने के दौरान ज़्यादा दिक्कतें होती हैं. जब ऐसे जानवर भविष्य में प्रजनन करते हैं, तो उन्हें प्रजनन के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे कमजोर जानवरों से पैदा होने वाला कोलोस्ट्रम भी क्वालिटी और मात्रा में कम होता है. और इस तरह का कोलोस्ट्रम पिलाने से पैदा हुए बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है.
एक अंडे को 300 एमएल गर्म पानी में मिलाएं और 600 एमएल दूध और आधा चम्मच कैस्टर ऑयल मिलाएं. इस मिक्सचर में एक चम्मच फिश लिवर ऑयल और 80 मिलीग्राम ओरियोमाइसिन पाउडर मिलाएं. 15 दिन बाद बछड़े को सूखा चारा और कॉन्संट्रेट दिया जा सकता है.
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