Dairy Production: पशुपालन में खूब होगा मुनाफा, डबल हो जाएगा दूध उत्पादन, ये रहे टिप्स 

Dairy Production: पशुपालन में खूब होगा मुनाफा, डबल हो जाएगा दूध उत्पादन, ये रहे टिप्स 

Dairy Production दूध में नंबर वन भारत एक्सपोर्ट की टॉप 10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है. शायद इसी को देखते हुए डेयरी एक्सपर्ट पशुपालन और डेयरी में खास 20 काम करने की सलाह देते हैं. और इसीलिए मिल्क रेव्युलेशन-2 की शुरुआत भी की गई है. क्योंकि इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है.

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Dairy Production: पशुपालन में खूब होगा मुनाफा, डबल हो जाएगा दूध उत्पादन, ये रहे टिप्स 

Dairy Production बीते करीब 27 साल से भारत दूध उत्पादन में नंबर वन है. देश में साल 2025 में करीब 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ है. देश में लगातार दूध उत्पादन बढ़ रहा है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो आने वाले कुछ साल में दूध उत्पादन का ये आंकड़ा डबल हो जाएगा. बावजूद इसके बढ़ते दूध उत्पादन को कामयाबी के तौर पर नहीं देखा जाता है. इसकी वजह ये है कि हमारे देश में पशुओं की संख्या ज्यादा है तो हम नंबर वन हैं. वहीं जिन देशों में पशुओं की संख्या कम है तो उनके यहां भी दूध उत्पादन का आंकड़ा सम्मानजनक है. 

हाईटेक डेयरी टेक्नोलॉजी के बाद भी प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमारा देश बहुत पीछे हैं. विश्व में कई छोटे-बड़े देश प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमसे बहुत ज्यादा हैं. डेयरी एक्सपोर्ट के मामले में भी आगे हैं. लेकिन हम दोनों ही क्षेत्रों में पीछे हैं. इसी में सुधार लाने के लिए एक्सपर्ट मिल्क रेव्युलेशन-2 पर जोर दे रहे हैं.  

डेयरी में ऐसे बढ़ेगा मुनाफा और उत्पादन

अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. आरएस सोढ़ी ने डेयरी में मुनाफा बढ़ाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं.

  • डेयरी की तस्वीर बदलने के लिए छह बिन्दुओं पर मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करना होगा. 
  • अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी. 
  • इसके लिए पहले तो हमे प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा. 
  • आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी बढ़ानी होगी. 
  • एक्सपोर्ट और घरेलू दोनों लेवल के बाजार का दायरा बढ़ाना होगा. 
  • इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड को देखते हुए घी पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है. 
  • सरकार की मदद से कोऑपरेटिव, डेयरी वैल्यू चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा. 
  • मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी परेशानी को देखते हुए पशुओं की चारा लागत को कम करना होगा.  

पशुपालकों की इनकम बढ़ाने के लिए क्या करें 

  • आज सबसे बड़ी जरूरत ज्यादा से ज्यादा किसानों को पशुपालन में लाने की है. 
  • जो पहले से काम कर रहे हैं उन्हें रोकने पर भी ध्यान देना होगा. 
  • चार-पांच गाय-भैंस पालने वाले पशुपालक को कुछ बचता नहीं है. 
  • क्योंकि दूध की कमाई का एक बड़ा हिस्सा चारे में खर्च हो जाता है. 
  • लगातार बिजली-डीजल महंगी होने से लागत बढ़ गई है. 
  • किसान के बच्चे आज पशुपालन में भविष्य बनाना नहीं चाहते हैं. 
  • जब तक पशुपालन अर्गेनाइज्ड नहीं होगा तो दूध उत्पादन की लागत भी कम नहीं होगी. 

डेयरी प्रोडक्ट की पैकिंग से भी पड़ता है बड़ा असर 

  1. खासतौर पर खाने की चीजों पर अच्छी या खराब पैकेकिंग का असर पड़ता है. 
  2. दूध को छोड़कर बाकी सारे डेयरी प्रोडक्ट प्रोसेस होते हैं. 
  3. आइसक्रीम में भी पैकिंग का बड़ा रोल है. 
  4. पैकिंग के चलते ही डेयरी प्रोडक्ट के रेट बाजार पर भी असर डालते हैं.

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