Preganent Buffalo Care: ठंड में बहुत जरूरी है गर्भवती भैंस की देखभाल, ये है तरीका, पढ़ें पूरी डिटेल 

Preganent Buffalo Care: ठंड में बहुत जरूरी है गर्भवती भैंस की देखभाल, ये है तरीका, पढ़ें पूरी डिटेल 

Preganent Buffalo Care जब ये पक्का हो जाए कि भैंस गर्भ से है तो उनकी तीन तरह से देखभाल शुरू कर दें. गर्भवती भैंस के लिए अच्छा खानपान इसलिए जरूरी हो जाता है कि एक तो उसके गर्भ में बच्चा पल रहा होता है, दूसरे बच्चा देने के बाद उसे दूध भी देना है. इसलिए उसे बहुत सारे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. 

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Preganent Buffalo Care: ठंड में बहुत जरूरी है गर्भवती भैंस की देखभाल, ये है तरीका, पढ़ें पूरी डिटेल भैंस की टॉप 4 नस्लें

Preganent Buffalo Care सामान्य तौर भैंस का गर्भकाल 310 से लेकर 315 दिन तक का होता है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गर्भकाल का हर दिन बहुत खास होता है. और अगर इस मौसम की बात करें अक्टूबर से लेकर जनवरी तक गाय-भैंस हीट में भी आती है और जो गर्भवती होती हैं वो बच्चा देती हैं. इसलिए गर्भवती भैंसों की ठंड में खास तरह की देखभाल बहुत जरूरी हो जाती है. खासतौर पर भैंस की हैल्थ को लेकर. अगर गर्भकाल के दौरान भैंस की अच्छी तरह से देखभाल की तो बच्चा तो हेल्दी मिलेगा. हर 21 दिन बाद भैंस हीट में आती है. और जब दोबारा से भैंस हीट में न आए तो समझ जाएं कि भैंस कितने दिन के गर्भ से है. 

इतना ही नहीं भैंस भी तंदुरुस्त रहेगी और खूब दूध भी देगी. गर्भकाल के दौरान भैंस की देखभाल कैसे की जाए, ये जानकारी लेने के लिए केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी), हिसार की बेवसाइट की मदद भी ली जा सकती है. सीआईआरबी गर्भवती भैंस की शेड, खानपान और हैल्थ से जुड़ी देखभाल के बारे में हर तरह की जानकारी देता है. 

खानपान में कमी हुई तो होंगे ये नुकसान 

  • खानपान की कमी से बच्चा कमजोर और अंधा पैदा हो सकता है. 
  • बच्चा देने के बाद भैंस को मिल्क फीवर हो सकता है.
  • भैंस फूल दिखा सकती है और जेर रूक सकती है.
  • भैंस की बच्चेदानी में मवाद पड़ सकता है. 
  • बच्चा देने के बाद दूध उत्पादन घट सकता है.
  • ऐसा होना चाहिए गर्भवती भैंस का शेड 

  • आठवें महीने के बाद से भैंस को दूसरे पशुओं से अलग रखना चाहिए. 
  • भैंस का बाड़ा उबड़-खाबड़ तथा फिसलन वाला नहीं होना चाहिए.
  • बाड़ा हवादार और भैंस को सर्दी, गर्मी और बरसात से बचाने वाला हो.
  • बाड़े में रेत-मिट्टी का कच्चा फर्श हो और सीलन न हो.  
  • ताजा पीने के पानी का इंतजाम होना चाहिए. 

एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो खासतौर पर आखिरी के तीन महीने आठवां, नौंवा और दसवें में अगर खानपान में कोई कमी रह जाती है तो भैंस को कई तरह की परेशानी हो सकती हैं. जिसका असर दूध उत्पादन पर पड़ता है.

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