

6 एनिमल प्रोडक्ट ऐसे हैं जिनका उत्पादन भी ज्यादा होता है और एक्सपोर्ट भी भरपूर होता है. अगर उत्पादन की बात करें तो एनिमल प्रोडक्ट उत्पादन में भारत का जलवा कायम है. कई बड़े देश उत्पादन के मामले में भारत से पीछे हैं. दूध उत्पादन के मामले में बीते 27 साल से कोई भारत को छू भी नहीं सका है. इंडियन बफैलो मीट के लिए दीवानगी ऐसी है कि आज 100 से ज्यादा देश खरीदते हैं. देखते ही देखते अंडा उत्पादन में हम दूसरे नंबर पर आ गए हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि आज अगर हमे उत्पादन से ज्यादा ऑर्डर मिले तो हम कम से कम वक्त में उसके मुताबिक अपना उत्पादन बढ़ा सकते हैं. और सबसे बड़ी बात ये है कि एनिमल प्रोडक्ट के मामले में भारत किसी पर निर्भर नहीं है. बफैलो मीट को छोड़ दें तो ज्यादातर एनिमल प्रोडक्ट का उत्पादन देश में ही खप जाता है.
एनिमल प्रोडक्ट उत्पादन के मामले में दूध, मीट और अंडे को सबसे ऊपर रखा जाता है. मीट की भी बात करें तो बफैलो मीट, शीप (भेड़) का मीट, गोट (बकरे) का मीट और चिकन की बहुत डिमांड रहती है. डिमांड के चलते ही अंडों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. चिकन और अंडों का एक्सपोर्ट भारत से कम होता है.
इसलिए करीब 51 लाख टन चिकन और 14 हजार करोड़ अंडे भारत में ही खा लिए जाते हैं. बफैलों के मुकाबले बकरे का मीट बहुत ही कम एक्सपोर्ट होता है. जबकि शीप का मीट तो हम एक्सपोर्ट करते हैं. दूध उत्पादन के मुकाबले डेयरी प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भी हमारे यहां से नाम मात्र के लिए ही है. एनिमल प्रोडक्ट प्रोडक्शन के संबंध में एपीडा ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं जो यहां नीचे दिए गए हैं.
भारत 24.78
यूएस 10.24
पाकिस्तान 6.66
चीन 4.59
ब्राजील 3.68

यूएस 2 करोड़
चीन 1.60 करोड़
ब्राजील 1.37 करोड़
रशिया 54.57 लाख
इंडिया 50.19 लाख

चीन 25.38
इंडिया 17.22
पाकिस्तान 5.61
नाइजीरिया 2.92
बांग्लादेश 2.43

चीन 26.40
इंडिया 12.92
आस्ट्रेलिया 9.27
टर्की 5
न्यूजीलैंड 4.49

इंडिया 45.65
पाकिस्तान 12.69
चीन 7.79
इजिप्ट 2
नेपाल 1.38

चीन 3.63 करोड़
इंडिया 81 लाख
इंडोनेशिया 68.48 लाख
यूएस 64.69 लाख
ब्राजील 37.34

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