Goat Market: देश की चार बकरा मंडियों में खूब बिक रहे हैं बकरीद के लिए बकरे 

Goat Market: देश की चार बकरा मंडियों में खूब बिक रहे हैं बकरीद के लिए बकरे 

Goat Market मंडियों में बकरीद के बकरे 12 हजार रुपये से लेकर एक-सवा लाख रुपये तक के बिक जाते हैं. अगर बकरा तंदरुस्त और खूबसूरत है तो उसके मुंह मांगे दाम मिल जाते हैं. जानकारों के मुताबिक आम दिनों के मुकाबले बकरीद पर बकरों के 25 से 30 फीसद तक ज्यादा दाम मिल जाते हैं. इसीलिए कहा भी जाता है कि बकरी पालक इस मौके पर सालभर की कमाई कर लेते हैं. 

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Goat Market: देश की चार बकरा मंडियों में खूब बिक रहे हैं बकरीद के लिए बकरे बकरीद पर कुर्बानी के लिए खास छह तरह की नस्ल के बकरों की डिमांड रहती है.

बकरीद में मुश्किल से 18-19 दिन ही बचे हैं. धीरे-धीरे कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी में तेजी आ रही है. खासतौर पर देश की चार बड़ी बकरा मंडियों में बकरों की जमकर खरीदारी हो रही है. कई अलग-अलग राज्यों से बकरे इन मंडियों में पहुंच रहे हैं. गौरतलब रहे ईद के दो महीने बाद बकरीद मनाई जाती है. बकरीद पर बकरों की कुर्बानी दी जाती है. कम ही सही, लेकिन ईद के फौरन बाद ही बकरीद के लिए बकरों की खरीदारी शुरू हो जाती है. कुर्बानी करने वाले मुसलमान अपनी सहुलियत के हिसाब से बकरे खरीदते हैं. 

कोई दो महीने पहले खरीद लेता है तो कोई बकरीद से 10-15 दिन पहले खरीदकर लाता है. हालांकि कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो बकरे को बचपन से ही पालते हैं. बकरीद के बकरे बहुत ही जांच-परख के बाद बिकते हैं. जैसे कहीं चोट न लगी हो, सींग टूटा न हो, लंगड़ा न हो आदि. अगर बकरे में ये सब नुक्स नहीं हैं और खूबसूरत है तो उसके बाजार में अच्छे दाम मिल जाते हैं. बकरी पालकों के लिए ये सालभर की कमाई का बड़ा मौका होता है. 

देश की छह बड़ी बकरा मंडियां 

बकरीद के दौरान उत्तर भारत में बकरों की चार बड़ी मंडी लगती हैं. इन्हीं मंडियों से निकला बकरा देश के दूसरे इलाकों में बिकने के लिए जाता है. बकरों की ये बड़ी मंडी- जसवंत नगर (यूपी), कालपी (मध्य प्रदेश), महुआ, अलवर (राजस्थान) और मेवात (हरियाणा) मंडी हैं. जानकारों की मानें तो इन सभी चार मंडियों में खास छह नस्ल के बकरों की खूब खरीद-फरोख्त होती है. इन मंडियों से ही बकरे महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक भी जाते हैं.

मुंह मांगे दाम पर बिकती हैं छह नस्ल

देश में बकरे-बकरियों की करीब 40 से ज्यादा नस्ल हैं. इसमे से कुछ सिर्फ दूध के लिए पाली जाती हैं तो कुछ दूध और मीट दोनों के लिए पाले जाते हैं. यूपी की खास नस्ल बरबरी, जमनापारी हैं. बरबरी नस्ल के बकरे को बरबरा बकरा कहा जाता है. इसकी देश के अलावा अरब देशों में भी खासी डिमांड रहती है. जखराना, सिरोही, सोजत राजस्थान के तो तोतापरी नस्ल का बकरा हरियाणा का है.

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