Goat Farming: बकरा पालन तीन तरह से कराता है मुनाफा, पढ़ें क्या बोले एक्सपर्ट 

Goat Farming: बकरा पालन तीन तरह से कराता है मुनाफा, पढ़ें क्या बोले एक्सपर्ट 

Goat Farming आप जब चाहें बकरे-बकरी बेचकर नकद पैसे कमाए जा सकते हैं. जब चाह बकरी से दूध ले लिया और जब चाहे बकरे बेचकर रकम सीधी कर ली. बकरी पालन में सबसे मोटी कमाई बकरे पालकर की जाती है. गोट एक्सपर्ट की मानें तो तीन तरह से बकरे पालकर सीजन के दौरान अच्छी कमाई की जा सकती है.

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Goat Farming: बकरा पालन तीन तरह से कराता है मुनाफा, पढ़ें क्या बोले एक्सपर्ट बरबरी नस्ल की बकरियां. फोटो क्रेडिट-किसान तक

एक वक्त था जब बकरी पालन को गरीबों का पशु पालन कहा जाता था. इतना ही नहीं बकरी को गरीबों की गाय कहा जाता था. देश के कई राज्यों में तो बकरी पालने वालों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था. ऐसा माना जाता था कि बकरी पालन करने वाले गरीब होते हैं. लेकिन अब वक्त बदल चुका है. बकरी पालन करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 10-20 बकरियों का पालन तो भूल जाइए अब तो देश में 5 हजार और उससे भी ज्यादा बकरे-बकरियों के फार्म खुल रहे हैं. घरेलू ही नहीं इंटरनेशनल मार्केट में भी बकरे-बकरियों की डिमांड बढ़ रही है. 

अकेले साल में एक बार बकरीद के मौके पर करोड़ों रुपये के बकरे बिक जाते हैं. अगर आप भी बकरी पालन करना चाहते हैं तो तीन तरह से बकरे पालकर मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है. रोजाना के बाजार में जहां बकरे वजन के हिसाब से बिकते हैं, वहीं बकरीद के दौरान बकरों की खूबसूरती, ऊंचाई और लम्बाई के हिसाब से तय होते हैं. आम दिनों में रोजाना के बाजार से जहां घरेलू डिमांड को पूरा किया जाता है तो एक्सपोर्ट के लिए भी अच्छे बकरे खूब बिकते हैं. 

ब्रीडिंग सेंटर से 6 महीने में होगी कमाई

स्टार साइंटीफिक गोट फार्मिंग, मथुरा के संचालक और गोट एक्सपर्ट राशिद ने किसान तक को बताया कि अगर ब्रीडिंग सेंटर चलाकर बकरा पालन किया जाए तो ज्यादा मुनाफा होता है. इसका तरीका ये है कि आप जगह और अपनी सुविधा अनुसार बकरियां और ब्रीडर बकरा रखकर उनसे बच्चे ले सकते हैं. जैसे अगर 100 बकरी हैं तो मानकर चलें कि आपको 150 बच्चे मिलेंगे. उसमे से भी कुछ बकरियां होंगी. ऐसा करने से आपको अच्छी नस्ल के बच्चे तैयार करने के लिए मिल जाएंगे. ऐसा करके आपको 150 में से 90 या 100 बकरे मिलेंगे. 

इन्हें आप पूरे एक साल या डेढ़ साल तक, जब भी बकरीद हो उन्हें खिला-पिलाकर तैयार कर सकते हैं. इस तरह अच्छी नस्ल के बकरे तैयार हो जाएंगे. प्योर ब्रीड होने के चलते देखने में भी खूबसूरत होते हैं. और बकरीद के दौरान वजन से ज्यादा खूबसूरती के दाम मिलते हैं. वजन की बात करें तो 25 से 50 किलो वजन का बकरा खूब बिकता है. 

बकरीद के लिए ऐसे तैयार होते हैं बकरे

राशिद ने बताया कि बकरीद के बाजार में बेचने के लिए हम दो और तरीके से बकरे तैयार कर सकते हैं. एक तो ये कि हमे पता हो कि बकरीद आने में अभी आठ-दस महीने हैं. तो ऐसे में हम गांव-देहात से पांच-छह महीने के बच्चे लाकर उन्हें पाल सकते हैं. उन्हें अच्छी खुराक देंगे तो वो ज्यादा हेल्दी होंगे. हर महीने उनका वजन चेक करना चाहिए. जो बकरे दी गई खुराक में अच्छी ग्रोथ ले रहे हैं उन्हें अलग कर दें. जो झुंड में डर के चलते कम खुराक खा रहे हैं उन्हें अलग रखकर पालें. और एक ऐसे भी होते हैं जो खूब खाते हैं, लेकिन उनकी ग्रोथ अच्छी नहीं होती है. 

इसकी कई वजह हो सकती हैं. आमतौर पर जो बड़ी वजह सामने आती है वो अनुवांशिक दोष होता है. ऐसे बकरों को फौरन ही अपने शेड से अलग कर लोकल मार्केट में बेच देना चाहिए. ऐसे बकरे खुराक तो पूरी खाते हैं, लेकिन इनका वजन नहीं बढ़ता है. एक तरीका ये भी होता है कि आप बकरीद से कुछ दिन पहले तैयार बकरे खरीद लें और उन्हें दिल्ली-एनसीआर, मुम्बई, गुजरात आदि के बड़े बाजारों में बेच दें. लेकिन इसमे मुनाफा कम होता है.    

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