ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा बड़े पैमाने पर रोजगारभैंस की कीमत 80 हजार तो गाय की कीमत 30 हजार रुपये से शुरू हो जाती है. इससे कम कीमत में दूध देने वाली गाय-भैंस नहीं आती हैं. इस हिसाब से छोटे से छोटे पशुपालक के पास अगर दो गाय और दो भैंस हैं तो तीन लाख रुपये से ज्यादा का धन होता है. लेकिन ये धन लगातार जोखिम के बीच रहता है. प्राकृतिक आपदा, सांप के काटने और करंट लगने जैसी आशंकाओं के बीच पशुपालक अपने पशुओं की सुरक्षा में लगे रहते हैं.
इसी को देखते हुए सरकार ने पशुपालकों को राहत देते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना शुरू की है. योजना को लागू करते हुए सरकार ने ‘आपके पशु की सुरक्षा, आपके भविष्य की मजबूती’ का भरोसा दिया है. इस योजना के तहत पशुपालकों को मामूली रकम के साथ बीमा का फायदा मिलेगा. वहीं एक खास कैटेगिरी के पशुपालकों को तो बीमा का लाभ लेने के लिए मामूली फीस भी नहीं देनी होगी.
सामान्य मृत्यु
(बीमारी, सांप के काटने पर.)
21 दिन बाद से कवर होगा.
दुर्घटना मृत्यु
(वाहन दुर्घटना, करंट, प्राकृतिक आपदा)
बीमा के तुरंत बाद से कवर होगा.
2 से 10 साल की उम्र.
40,000 से 90,000 रुपये तक.
3 से 12 साल की उम्र.
एक लाख रुपये तक.
नोट- बीमा की रकम दूध उत्पादन पर तय होती है.
इस योजना में पशु की सामान्य मृत्यु और दुर्घटना मृत्यू दोनों शामिल हैं.
बीमा होने के बाद पहले 21 दिनों तक केवल दुर्घटना मृत्यु (जैसे किसी वाहन से टकराना, बिजली का करंट लगना और प्राकृतिक आपदा) ही कवर होगा.
बीमारी, सांप के काटने और सामान्य मौत का बीमा कवर 21 दिन बाद शुरु होगा.
पशु की चोरी इस बीमा में शामिल नहीं है.
पशु का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (पशु चिकित्सक द्वारा)
परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य
लाभार्थी का आधार कार्ड और फोटो.
सरल पोर्टल पर आवेदन अनिवार्य है.
SC वर्ग के लिए बीमा पूरी तरह निःशुल्क है.
60 हजार रुपये तक कुल प्रीमियम का सिर्फ 15 फीसद किसान को देना होगा.
60 हजार रुपये से ऊपर की रकम पर पूरा 2.78 प्रीमियम लगेगा.
उदाहरण समझें
उदाहरण 1 बीमा राशि = 260000
कुल प्रीमियम (2.78 फीसद) = 1668
उदाहरण 2 बीमा राशि = 80000
60000 तक कुल प्रीमियम = 1668 किसान देगा 15 फीसद 2250
किसान देगा सिर्फ 15 फीसद = 250
20000 अतिरिक्त पर पूरा प्रीमियम (2.78 फीसद) - 556
आपका खर्च = 250
कुल आपको देना = 806.
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