Donkey in NLM: गधे पालने पर 50 लाख देगी सरकार, फायदा उठाने का ये है तरीका

Donkey in NLM: गधे पालने पर 50 लाख देगी सरकार, फायदा उठाने का ये है तरीका

Donkey in NLM देश में गधे, घोड़े और ऊंटों की संख्या घट रही है. इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने गधे-घोड़े और ऊंटों को भी नेशनल लाइव स्टॉ‍क मिशन (एनएलएम) में शामिल किया है. गधी के दूध को फूड आइटम में शामिल करने के लिए FSSAI से मांगी जा रही मंजूरी. कॉस्मेटिक आइटम बनाने में भी गधी के दूध के दूध को बढ़ावा दिया जा रहा है. इनका पालन करने वालों को सरकार 50 लाख रुपये तक की मदद देगी. 

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Donkey in NLM: गधे पालने पर 50 लाख देगी सरकार, फायदा उठाने का ये है तरीकाएमपी में गधों की संख्या में गिरावट

अगर आप गधे पालते हैं तो केन्द्र सरकार आपको 50 लाख रुपये देगी. बेशक सुनने में ये बात अजीब लगती हो, लेकिन ये हकीकत है. गधों की घटती संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार ने गधों को नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) योजना में शामिल किया है. इतना ही नहीं अगर कोई राज्य गधों की नस्ल संरक्षण के लिए काम करता है तो ऐसे राज्यों को भी केन्द्र की ओर से मदद दी जाएगी. अगर सरकारी रिपोर्ट पर जाएं तो गधों की संख्या में 60 फीसद की कमी आ चुकी है. इसी कमी को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार गधा पालन को बढ़ावा दे रही है. 

नस्ल संरक्षण के लिए राज्यों सरकारों को भी केन्द्र की ओर से मदद दी जाएगी. इसके लिए गधी के दूध से बने प्रोडक्ट का भी खूब प्रचार किया जा रहा है. एक सरकारी संस्थान ने तो गधी के दूध को फूड आइटम में शामिल करने के लिए FSSAI से मांगी है. इतना ही नहीं कुछ वक्त पहले ही सार्वजनिक तौर पर बाबा रामदेव ने गधी का दूध पीकर उसे स्वादिष्ट बताया था.

गधों संग घोड़े और ऊंटों के लिए भी स्कीम 

एनएलएम योजना में अगर कोई व्यीक्ति, एफपीओ, एसएचजी, जेएलजी, एफसीओ और धारा 8 की कंपनी एनएलएम के तहत गधे-घोड़े और ऊंट पालन के लिए आवेदन करता है तो उसे स्कीम के तहत कुल लागत की 50 फीसद सब्सिडी का फायदा दिया जाएगा. सब्सिडी की ये रकम 50 लाख रुपये तक होगी. मतलब अगर आपका प्लान एक करोड़ रुपये का है तो केन्द्र सरकार उसमे 50 लाख रुपये की मदद देगी. 

इतना ही नहीं अगर कोई राज्य सरकार गधे-घोड़े और ऊंट की नस्ल संरक्षण के लिए काम करती है तो केन्द्र सरकार उसे भी मदद देगी. जैसे अगर कोई राज्य सरकार गधे-घोड़े और ऊंट संरक्षण के लिए वीर्य स्टेशन और न्यूक्लियस प्रजनन फार्म की स्थापना करना चाहती है तो उसे केन्द्र की ओर से 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

देश में सिर्फ इतने बचे हैं गधे 

एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में हुए पशुगणना के आंकड़ों पर जाएं तो देश में गधों की कुल संख्या 1.23 लाख है. गधों की सबसे ज्यादा संख्या जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र , गुजरात, कर्नाटक और आंध्रा प्रदेश में है. इन राज्यों में गधों की संख्या एक लाख के आसपास है. देश के 28 राज्यों में ही गधे बचे हैं. उसमे भी कई राज्य ऐसे हैं जहां गधों की संख्या दो से लेकर 10 के बीच है.  

क्या है एनएलएम योजना 

साल 2015 में एनएलएम योजना शुरू की गई थी. योजना के तहत 25 से 50 लाख रुपये की रकम सब्सिडी के तहत दी जाती थी. खासतौर पर गधों की बात करें तो इस योजना के तहत गधों का ब्रीडिंग सेंटर, नस्ल सुधार और गधा पालन पर जोर दिया जा रहा है. सरकार लागत का 50 फीसद सब्सिडी के तौर पर दे रही है.

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