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बिसलेरी पानी और 5 लीटर देसी गाय का दूध पीता है ये घोड़ा, 7 करोड़ लगाई जा चुकी है इसकी कीमत

बिसलेरी पानी और 5 लीटर देसी गाय का दूध पीता है ये घोड़ा, 7 करोड़ लगाई जा चुकी है इसकी कीमत

मारवाड़ी नस्ल का फ्रेजैंड घोड़ा मेले आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसका मुख्य कारण यह है की उसके मालिक युवराज जडेजा उसको भगवान का रूप मानते है. चार लोगों को उसकी सेवा में लगा रखा है. फ्रेजैंड की लंबाई करीब 64 इंच से भी ज्यादा है, दिखने में सुंदर और आकर्षित शानदार है.

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लग्जरी कार से भी ज्यादा महंगा है ये घोड़ा लग्जरी कार से भी ज्यादा महंगा है ये घोड़ा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में सात करोड़ का फ्रेजैंड घोड़ा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. जानकारी के मुताबिक इस घोड़े को नॉर्मल पानी की जगह  बिसलेरी और किनले का पानी पिलाया जाता है. इतना ही नहीं इस घोड़े को एक समय में 5 लीटर देसी गाय का दूध पिलाया जाता है. घोड़े को तीन समय दूध दिया जाता है. यही कारण है कि यह घोड़ा महंगी लग्जरी कारों से भी महंगा है. कहते हैं कि घोड़े रखने का शौक पालना बहुत महंगा होता है. क्योंकि घोड़ा का खानपान बहुत ही अलग होता है. 

मारवाड़ी नस्ल का फ्रेजैंड घोड़ा मेले आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसका मुख्य कारण यह है की उसके मालिक युवराज जडेजा उसको भगवान का रूप मानते है. चार लोगों को उसकी सेवा में लगा रखा है. फ्रेजैंड की लंबाई करीब 64 इंच से भी ज्यादा है, दिखने में सुंदर और आकर्षित शानदार है. फ्रेजैंड को देखने के लिये मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगो की भीड़ उमड़ रही और कई  देश विदेशिपर्यटक फ्रेजेंड की सेल्फी ले रहे है.

1 प्रतियोगिता में चेम्पियन रह चुका फ्रेजैंड

फ्रेजैंड के दो बच्चे लाखो रुपए में रसिया के घोड़े व्यापारियों ने खरीदे है. यह व्यापार उन्होंने अपने गांव से ही किया था. वहीं फ्रेजैंड के लिए व्यापारी सात करोड़ रुपये तक देने के लिए तैयार थे. लेकिन फ्रेजैंड के मालिक युवराज ने फ्रेजेंड को सात करोड़ रुपये की मोटी रकम लगाने के बावजूद फ्रेजैंड को बेचने से इनकार कर दिया. युवराज फ्रेजेंड को अपना भगवान मानते हुए अपनी जान से ज्यादा मानते ओर किसी को भी आजतक फ्रेजेंड की सवारी नही करने दी है. फ्रेजेंड की मालिक युवराज जडेजा के मुताबिक देश के गुजरात ,महाराष्ट्र समेत कई राज्यो की 11 प्रतियोगिता में चेम्पियन रह चुका.

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क्या है फ्रेजैंड घोड़े की डाइट?

फ्रेजैंड के मालिक ने बताया कि उनके पास मारवाड़ी नस्ल के 35 घोड़े हैं. लेकिन फ्रेजैंड को वह ज्यादा पसंद हैं. फ्रेजैंड घोड़े की देखभाल के लिए चार कर्मचारियों को रखा गया है. और वे दिन-रात फ्रेजैंड की सेवा करते हैं. फ्रेजैंड को दिन में अच्छी देसी गाय का 5 लीटर दूध दूध तीन टाइम पिलाया जाता है. साथ ही मूंगफली और चना का दाना भी देते हैं. साथ ही पीने के लिए बिसलेरी का पानी पिलाया जाता है. इसके अलावा फ्रेजेंड के लिए एक पशु चिकित्सा सेवा भी है जो रोजाना चेकअप करती है. फ्रेजैंड हॉर्स को इतनी सारी सुविधाएं मुहैया कराने वाले घोड़ा व्यापारी युवराज जड़ेजा को घोड़े पालने का शौक है.

घोड़े और ऊंट का होता है व्यापार

पुष्कर एक बहुत बड़ा घोड़ा बाज़ार है. यहाँ घोड़े खरीदने और प्रदर्शन के लिए दूर-दूर से घोड़े आते हैं. इसके लिए अलग से मेला मैदान बनाया गया है. जहां कुछ दिनों के लिए एक छोटा सा गांव बसाया जाता है. जहां घोड़े और ऊंट जैसे ये जानवर रहते हैं और करोड़ों रुपये का व्यापार होता है. ये चलन सदियों से चला आ रहा है. देश-विदेश से लोग यहां घोड़े और ऊंट खरीदने और बेचने आते हैं.

विदेशों से यहां आते हैं लोग

पुष्कर मेले में सात समंदर पार से हजारों विदेशी पर्यटक भी यहां की संस्कृति और इन जानवरों को देखने पहुंचते हैं. पर्यटकों की आमद के कारण बड़े बजट के होटल भी 15 दिनों तक फुल हो जाते हैं. पुष्कर के मेला मैदान में जानवरों की साज-सज्जा के बाजार भी सज गए हैं. पूरा पशुपालन विभाग भी करीब 10 से 12 दिन तक पुष्कर में अपना कैंप लगाता है और समय-समय पर जांच भी की जाती है. पशुपालन विभाग कई पशु प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करता है. ताकि जानवरों की प्रतिभा भी सामने आ सके. इस बार पशुपालन विभाग कई नए नवाचार करेगा. (पुष्कर से दिनेश पाराशर की रिपोर्ट)