
देश में इस समय बारिश का हाल उलट दिखाई दे रहा है. जिन इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से पहुंचना चाहिए था, वहां अभी बारिश कम है. दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत, जहां अभी मॉनसून की सामान्य प्रगति का इंतजार रहता है, वहां पश्चिमी विक्षोभ लगातार अच्छी बारिश करा रहे हैं. राजस्थान से लेकर दिल्ली-हरियाणा तक कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. इस बार सबसे अलग तस्वीर राजस्थान से सामने आई है. आमतौर पर जहां मॉनसून की एंट्री का इंतजार लंबा होता है, वहीं इस बार बारिश ने पहले ही बढ़त बना ली है.
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम राजस्थान में सामान्य से 20 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी राजस्थान 80 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश के साथ सबसे आगे निकल गया है. यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण भारत से आगे बढ़ने वाला मॉनसून अभी भी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है.
मौसम की इस उलटी चाल के पीछे पश्चिमी विक्षोभ बड़ी वजह बनकर उभरा है. उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार सक्रिय पश्चिमी सिस्टम बारिश लेकर आ रहे हैं और मॉनसून की धीमी चाल की भरपाई कर रहे हैं. पूरे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में अब तक सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है. दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र में भी 38 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश रिकॉर्ड की गई है.
इसके उलट मध्य भारत में बारिश की कमी साफ दिख रही है. यहां फिलहाल छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक ही मॉनसून पहुंचा है. गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र वाले क्षेत्र में कुल बारिश सामान्य से 61 प्रतिशत नीचे चल रही है, जबकि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भी 43 प्रतिशत की कमी बनी हुई है. दक्षिणी प्रायद्वीप में भी बारिश सामान्य से कम रही, हालांकि यह अभी मौसम विभाग की सामान्य सीमा में माना जा रहा है. पूर्वी उत्तर प्रदेश उत्तर भारत का ऐसा क्षेत्र रहा, जहां 28 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई.
आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में राहत जारी रह सकती है. उत्तर पाकिस्तान के आसपास सक्रिय नया पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण पंजाब क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण बारिश की गतिविधियों को बनाए रख सकता है. इसके बाद एक और सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है.
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में अगले कई दिनों तक व्यापक बारिश की स्थिति बनी रह सकती है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और स्थानीय तूफानी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
बारिश को मजबूती देने में मौसमी ट्रफ भी अहम भूमिका निभा रही है, जो पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई है. इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ के रास्ते में बने चक्रवाती परिसंचरण सिस्टम बारिश को लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.