गुजरात से राजस्थान तक भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी बरसेंगे बादल, जानिए देशभर में कैसा रहेगा मौसम

गुजरात से राजस्थान तक भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी बरसेंगे बादल, जानिए देशभर में कैसा रहेगा मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 अगस्त को गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और पूर्वी राजस्थान में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 01, 2026,
  • Updated Aug 01, 2026, 7:00 AM IST

देश के कई हिस्सों में सक्रिय मॉनसून के चलते कुछ दिनों से झमाझम बारिश देखने को मिल रही है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि पश्चिम विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके असर से पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. इसके साथ ही मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है और अरब सागर से लेकर दक्षिण भारत तक ऑफ-शोर ट्रफ भी सक्रिय है. इन्हीं मौसम प्रणालियों के असर से 1 अगस्त को गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, पूर्वी राजस्थान, हिमालयी राज्यों और कई अन्य इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है. 

आईएमडी ने गुजरात क्षेत्र में 1 अगस्त को भी कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. सौराष्ट्र और कच्छ में भी कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. इसके अलावा बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है. 

दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 1 अगस्त को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे. सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं. अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दक्षिण-पूर्वी दिशा से 22 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे उमस में कुछ राहत मिलने की संभावना है. 

पहाड़ी राज्‍यों में चेतावनी जारी

मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी कई स्थानों पर बारिश होगी, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त से और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त से वर्षा की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. पश्चिम राजस्थान में 1 अगस्त से बारिश तेज होने के संकेत हैं. 

मध्य और पश्चिम भारत में सबसे ज्यादा रहेगा असर

IMD के मुताबिक, आज मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी. गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका बनी हुई है. कई निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. कोंकण-गोवा में भी अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा. 

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश तेज

बिहार में 1 अगस्त से भारी बारिश की संभावना है. झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी व्यापक वर्षा के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. 

दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. तमिलनाडु और पुडुचेरी में 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. 

मौसम विभाग की किसानों के लिए सलाह

आईएमडी ने किसानों को मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि धान, सोयाबीन, कपास, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जियों की फसलों में जलभराव न हो. केले, गन्ने और पपीते जैसी ऊंची फसलों को सहारा दें. 

जिन इलाकों में लगातार बारिश होने वाली है, वहां फिलहाल उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव टालना बेहतर रहेगा. कटाई की तैयार फसलों और सब्जियों को सुरक्षित स्थान पर रखें. पशुओं को खुले में न छोड़ें और चारा भी सूखी जगह पर सुरक्षित रखें. मछली पालक तालाबों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें ताकि मछलियों का नुकसान न हो. 

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