
देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में है कि दक्षिण‑पश्चिम मॉनसून के लिए अनुकूल हालात बन रहे हैं और इस हफ्ते के अंत तक यानी (16-17 मई तक) दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान‑निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून की शुरुआत हो सकती है. वहीं, मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जबकि उत्तर‑पश्चिम और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में लू का कहर जारी रहने की आशंका है.
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण‑पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मंगलवार सुबह (12 मई) भी उसी इलाके में मौजूद था. इससे जुड़ा चक्रवाती सर्कुलेशन समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. अगले 48 घंटे में इसके और मजबूत होने की संभावना है, जिससे मॉनसून के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है. इसके अलावा, एक गर्त (ट्रफ) इस कम दबाव के क्षेत्र से लेकर मराठवाड़ा तक फैला हुआ है, जो नमी और बादल बढ़ाने का काम कर रहा है.
मॉनसून की आहट के बावजूद गर्मी से राहत अभी दूर है. पश्चिम राजस्थान में अगले 6‑7 दिनों तक कुछ इलाकों में लू और भीषण लू चलने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान, मध्य भारत के हिस्सों, गुजरात और महाराष्ट्र में भी अगले 4‑5 दिनों तक अलग‑अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रह सकती है. लू के चलते लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है.
दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 4‑5 दिनों के दौरान कहीं‑कहीं भारी बारिश हो सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 12 से 18 मई के बीच कई इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है. जम्मू‑कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश या ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है.
कुछ जगहों पर गरज‑चमक, तेज हवाएं (40–50 किमी/घंटा) और ओलावृष्टि की भी चेतावनी है. 15 मई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर‑पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे बारिश और तेज हो सकती है.
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज आंधी‑तूफान चलने की आशंका है. कुछ इलाकों में तेज झोंकेदार हवाएं (50–60 किमी/घंटा, झोंकों में 70 किमी/घंटा तक) चल सकती हैं. छत्तीसगढ़ में भी 13 से 16 मई के बीच बारिश, गरज और तेज हवाओं का दौर रह सकता है.
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि लू प्रभावित इलाकों में बाहर निकलते समय सावधानी बरतें. तेज बारिश और आंधी‑तूफान वाले क्षेत्रों में बिजली गिरने से बचाव करें. मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.