
एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है तो दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में तेज आंधी, बिजली चमकने, 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली हवाओं और कुछ इलाकों में ओले गिरने तक की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता रखने की सलाह दी गई है.
वहीं, दूसरी तरफ मॉनसून ने 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ इलाकों तक अपनी पहुंच बढ़ा दी है. अगले 2 से 3 दिनों में महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों तक इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई गई हैं.
12 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की तस्वीर अलग रहने वाली है. उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश तेज होने के संकेत हैं और कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, आज पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है. दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा और स्थानीय स्तर पर लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है.
इधर, दिल्ली-एनसीआर के लिए आज का दिन लेकर आ सकता है, क्योंकि दिनभर आसमान में बादल बने रहने के आसार हैं और हल्की बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है. कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हवा चल सकती है.
आईएमडी के मुताबिक, तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना है और अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. 13 जून को भी हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहने के संकेत हैं. 14 जून से बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन बादलों और स्थानीय गर्जना का असर बना रह सकता है.
उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून के बाद बारिश की तीव्रता कुछ क्षेत्रों में कम होगी, लेकिन छिटपुट बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. राजस्थान में 13 जून तक धूलभरी आंधी का असर देखा जा सकता है. वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा और गरज-चमक का सिलसिला बना रह सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 13 से 17 जून के बीच बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कई दौर की बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 13 जून के बाद बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है.
पश्चिम भारत में महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है जबकि गुजरात में भी मौसम धीरे-धीरे बदलने के संकेत हैं.
दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अगले कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं और मॉनसूनी असर और मजबूत हो सकता है.
जिन इलाकों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है , किसान वहां खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था पहले से तैयार रखें. कटी हुई फसल और कृषि उत्पाद खुले में न छोड़ें और तिरपाल से सुरक्षित रखें. सब्जियों, फलदार पौधों और नर्सरी फसलों को सहारा दें ताकि तेज हवा से नुकसान कम हो.
वही, जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका है, वहां बागवानी फसलों की अतिरिक्त सुरक्षा करें. पशुपालक पशुओं को खुले में बांधने से बचें और चारे को सूखी जगह पर रखें. लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव रोकना आने वाले खरीफ सीजन की तैयारी के लिए अहम रहेगा.