असम में सुधर रहे बाढ़ के हालात, प्रभावितों की संख्या घटकर 4.45 लाख हुई, इतने हेक्‍टेयर खेत जलमग्‍न

असम में सुधर रहे बाढ़ के हालात, प्रभावितों की संख्या घटकर 4.45 लाख हुई, इतने हेक्‍टेयर खेत जलमग्‍न

असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार जारी है. राज्य में प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 4.45 लाख रह गई है और पिछले 24 घंटे में किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली. कई इलाकों में जलस्तर घटने से राहत कार्य तेज हुए हैं.

Assam flood situation easesAssam flood situation eases
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 28, 2026,
  • Updated Jul 28, 2026, 1:15 PM IST

असम में बाढ़ के हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में बाढ़ से किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 4.45 लाख रह गई है. कई जिलों में जलस्तर कम होने से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आई है. हालांकि, छह जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हुई है. मंगलवार को कोई भी मृत्‍यु से जुड़ा और न ही किसी व्यक्ति के लापता होने का मामले सामने नहीं आया. वहीं, पहले प्रभावित लोगों की संख्या 5.24 लाख से अधिक थी, जो अब घटकर 4.45 लाख रह गई है.

चराइदेव सबसे ज्यादा प्रभावित जिला

अधि‍कारियों के अनुसार, बाढ़ का सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में बना हुआ है, जहां करीब 1.88 लाख लोग प्रभावित हैं. इसके बाद शिवसागर में 1.44 लाख और जोरहाट में 74 हजार से अधिक लोग अब भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं. गोलाघाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) में भी कई इलाके जलभराव से प्रभावित हैं.

प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 90 राहत शिविर और 94 राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं. राहत शिविरों में 28,695 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं.

धांसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर

अफसरों ने बताया कि‍ ज्‍यादातर इलाकों में पानी उतर रहा है, लेकिन गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धांसिरी (दक्षिण) नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. दूसरी ओर, बाढ़ का असर खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है. राज्य में 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी जलमग्न है, जबकि कई स्थानों पर मकानों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचा है.

केंद्र ने लिया हालात का जायजा

बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पांच सदस्यीय केंद्रीय दल ने शिवसागर जिले का दौरा किया. टीम ने ऊपरी असम के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राज्य सरकार के मंत्रियों और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की.

बिजली बहाल करने और संक्रमण रोकने पर फोकस

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ का पानी घटने के साथ प्रभावित इलाकों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है. उन्होंने बताया कि बिना बिजली वाले परिवारों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई है. साथ ही गांवों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कीटाणुशोधन और फॉगिंग अभियान भी शुरू कर दिया गया है.

मरे हुए पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण

जल संसाधन मंत्री सुसांता बोरगोहेन ने कहा कि बाढ़ में मारे गए पशुओं को वैज्ञानिक तरीके से दफनाया जा रहा है, ताकि जल स्रोत दूषित न हों और किसी तरह की संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा न रहे. (एजेंसी)

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