
राजधानी दिल्ली में आखिरकार मॉनसून ने पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है. मंगलवार से शुरू हुई बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. मौसम विभाग का कहना है कि 12 जुलाई तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा. आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में एक वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. अरब सागर से इस सिस्टम तक एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है, जिससे बड़े पैमाने पर नमी पहुंच रही है और देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, पहले बंगाल की खाड़ी से बने इस सिस्टम ने पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए मध्य भारत को प्रभावित किया. इसके प्रभाव से पिछले कुछ दिनों में कोंकण, गोवा, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. अब यह सिस्टम मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आसपास सक्रिय है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भी दिखाई दे रहा है.
दिल्ली-एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने कहा है कि बुधवार और गुरुवार को बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. हालांकि इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 12 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इससे लोगों को उमस से काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
उधर, महाराष्ट्र के उत्तरी कोंकण क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अभी भी अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने यहां 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना जताई है. मुंबई में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, हालांकि पिछले दिनों की तुलना में स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है.
मध्य प्रदेश के कई इलाकों के लिए अगले दो दिनों तक रेड अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिनों तक मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा.
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक बना हुआ है. असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में 20 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट लागू है. मौसम विभाग ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां जोरदार बनी रहेंगी. इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन जुलाई के मध्य तक कई राज्यों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने के आसार हैं. मॉनसून फिलहाल पूरे देश को कवर कर चुका है और किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है.(मनीषा लड्डा की रिपोर्ट)