
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 2-3 दिनों में पूरे देश को कवर कर सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 जुलाई को उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है.
आईएमडी के अनुसार, 7 जुलाई को मॉनसून गुजरात के शेष हिस्सों और राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों तक पहुंच गया. अनुकूल परिस्थितियों के चलते अगले 2-3 दिनों में मॉनसून राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर अरब सागर के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लेगा, जिसके बाद पूरे देश में मॉनसून सक्रिय हो जाएगा. इस समय पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवात और मानसूनी ट्रफ भी सक्रिय है. यही सिस्टम देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियों को मजबूत कर रहे हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, आज उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है. हिमाचल और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भी कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है. गरज-चमक के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
IMD के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 8 जुलाई को दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे. कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी.
वहीं, मध्य भारत में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा. कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है. विदर्भ में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं.
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में अच्छी बारिश होने के आसार हैं. सबसे ज्यादा खतरा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रहेगा, जहां 8 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. बिहार के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है.
आईएमडी ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. असम-मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है.
पश्चिम भारत में गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बारिश का दौर जारी रहेगा. गुजरात और कोंकण क्षेत्र में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज आंधी और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं भी चल सकती हैं.
इसके अलावा, दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में बारिश जारी रहेगी. कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अनुमान है.
आईएमडी के अनुसार, 9 जुलाई को भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा. 10 जुलाई को भी हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी. वहीं, उत्तर भारत में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं. देश के पश्चिमी तट और मध्य भारत में भी मॉनसून सक्रिय बना रहेगा, जिससे कई राज्यों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है.
आईएमडी ने गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तटीय कर्नाटक के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का मध्यम खतरा जताया है. वहीं, केरल और मिजोरम के कुछ जिलों में भी निचले इलाकों में जलभराव और तेज बहाव की आशंका है. लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है.