
महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य के कई जिलों में जलभराव, पेड़ गिरने और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. खराब मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और पर्यटन स्थलों की यात्रा से फिलहाल बचें.
विधानसभा में राज्य की मौजूदा स्थिति पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा कि जलवायु में आ रहे बदलावों के कारण इस बार मॉनसून के दौरान असामान्य परिस्थितियां बन रही हैं. सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी विभाग राहत एवं बचाव कार्यों में युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं. जहां भी लोगों के फंसे होने की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत राहत दल भेजे जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. इन हवाओं के कारण एक ही दिन में लगभग 350 पेड़ उखड़ गए. उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर पूरे साल में करीब एक हजार पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज होती हैं, लेकिन इस बार मौसम की तीव्रता अधिक होने के कारण नुकसान तेजी से बढ़ रहा है.
उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार दोपहर तक हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने मुंबई में हुई एक बड़ी घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सोमवार को जिस इमारत के गिरने की घटना हुई, वह एक अवैध निर्माण था. इसके अलावा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' परियोजना के पास भूस्खलन होने से रास्ता प्रभावित हुआ. सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित एजेंसियां राहत कार्यों में लगी हुई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति का पूरा आकलन करने के बाद सरकार बुधवार को विस्तृत रिपोर्ट भी जारी करेगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों, झरनों और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने से बचें. उन्होंने कहा कि तेज बारिश और भूस्खलन के कारण ऐसे स्थानों पर दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है. लोगों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी राज्य में बनी गंभीर स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और सतर्क रहने की अपील की. लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया गया, ताकि सरकार पूरी तरह राहत और बचाव कार्यों पर ध्यान दे सके.
वहीं विपक्ष ने भी भारी बारिश से हुए नुकसान का मुद्दा विधानसभा में उठाया. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मुंबई में हुई 12 लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की जिम्मेदारी तय करने की मांग की. उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' परियोजना के पास हुए भूस्खलन का भी मुद्दा उठाया और सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत बयान देने की मांग की.
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने बारिश से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की. वहीं शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अजय चौधरी ने सड़कों पर गिरते पेड़ों की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की.
राज्य सरकार ने साफ कहा है कि आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. लोगों से अपील की गई है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सहायता लें. सरकार का कहना है कि सभी विभाग चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है.
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