Weather Alert: पहाड़ी राज्‍यों में होगी हल्‍की से मध्‍यम बारिश, कुछ जगहों पर लू का दिखेगा असर, पढ़ें वेदर अपडेट

Weather Alert: पहाड़ी राज्‍यों में होगी हल्‍की से मध्‍यम बारिश, कुछ जगहों पर लू का दिखेगा असर, पढ़ें वेदर अपडेट

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. उत्तर भारत में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा. मॉनसून आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने के संकेत हैं.

aaj Ka Mausamaaj Ka Mausam
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 14, 2026,
  • Updated Jun 14, 2026, 7:00 AM IST

देशभर में फिलहाल मौसम में बड़ा बदलाव बना हुआ है. उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना हुआ है. वहीं, मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और विदर्भ में लू जैसी स्थिति बनी रहने की चेतावनी जारी की है. कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे और कुछ जगहों पर इससे भी तेज हवा चलने की आशंका जताई है. पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अलग-अलग असर देखने को मिल सकता है.

मॉनसून कहां तक पहुंचा?

IMD ने बताया कि 13 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र के हरनाई, सोलापुर, तेलंगाना के हिस्सों, ओडिशा, झारखंड, बिहार तक आगे बढ़ चुका है. मौसम की स्थितियां अगले 2 से 3 दिनों में कर्नाटक के बाकी हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ के और इलाकों में मॉनसून की प्रगति के लिए अनुकूल बताई गई हैं. इसका मतलब है कि दक्षिण और पूर्व भारत में बारिश का दायरा धीरे-धीरे बढ़ सकता है और खरीफ सीजन की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. 

14 जून को देशभर में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, 14 जून को उत्तर भारत में मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में गरज-चमक देखने को मिल सकती है.  राजस्थान में तेज हवाओं और स्थानीय स्तर पर धूलभरी गतिविधियों का असर बना रह सकता है. पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है.

मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश, बिजली और तेज हवा की स्थिति रह सकती है. वहीं, विदर्भ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा. पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने के संकेत हैं.

बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों में कई जगह बारिश और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में मॉनसूनी बारिश जारी रहने के संकेत हैं. कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवा भी देखने को मिल सकती है. 

दिल्ली-NCR में छाएंगे आंशिक बादल

दिल्ली-एनसीआर में 14 जून को आंशिक बादल छाए रहने और दोपहर या शाम के समय गरज वाले बादल बनने की संभावना है. अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. हवाएं पश्चिम दिशा से चलेंगी और दिन में उनकी रफ्तार बढ़ सकती है. 

15 जून को भी मौसम में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है और तापमान लगभग इसी दायरे में रहने का अनुमान है. 16 जून तक तापमान फिर थोड़ा बढ़कर 39 से 41 डिग्री तक पहुंच सकता है, हालांकि बीच-बीच में बादल और गरज वाले सिस्टम राहत दे सकते हैं. 

15 जून और आगे क्षेत्रवार मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में 15-19 जून के बीच राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड और कुछ मैदानी हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक की संभावना. 17 जून तक तापमान में 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी के संकेत है. वहीं, मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में स्थानीय बारिश जारी रह सकती है, जबकि 17 जून के बाद तापमान में कुछ गिरावट संभव है.

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश का दायरा बढ़ सकता है, कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में लगातार वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रह सकता है. पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश, लेकिन कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस भी बनी रह सकती है.

खेती-किसानी और पशुपालन के लिए एडवाइजरी

बारिश वाले राज्यों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पहले से रखें, ताकि जलभराव से धान नर्सरी, सब्जियों, मक्का, अदरक, केला और बागवानी फसलों को नुकसान न हो. जहां तेज हवा और गरज-चमक की चेतावनी है वहां कटी फसल को खुले में न छोड़ें और तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें.

फलदार पौधों, सब्जियों और लंबी फसलों को सहारा दें ताकि हवा से गिरावट कम हो. जहां लू या ज्यादा तापमान का असर है, वहां हल्की सिंचाई करें, नमी बनाए रखें और दोपहर के समय खेतों में अनावश्यक काम कम करें. पशुपालक पशुओं को खुले में न छोड़ें, स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं और चारा सुरक्षित जगह रखें. 

पोल्ट्री शेड में तापमान नियंत्रण और मत्स्य पालन वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी निकासी की व्यवस्था करना उपयोगी रहेगा. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नई रोपाई या बुवाई स्थानीय मौसम की स्थिति देखकर करें, ताकि शुरुआती नुकसान से बचा जा सके. 

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