कश्मीर में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में भारी बारिश, मौसम विभाग ने किसानों को दी सलाह

कश्मीर में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में भारी बारिश, मौसम विभाग ने किसानों को दी सलाह

कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने 20 मार्च तक अस्थिर मौसम और कुछ जगहों पर भारी बर्फबारी की संभावना जताई है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 19, 2026,
  • Updated Mar 19, 2026, 3:37 PM IST

कश्मीर घाटी में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है. जहां ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, वहीं मैदानी इलाकों में लगातार बारिश ने ठंड का असर बढ़ा दिया है. बुधवार को पर्यटन स्थलों गुलमर्ग और सोनमर्ग में रुक-रुक कर बर्फ गिरती रही, जिससे पूरे इलाके में सर्दी का माहौल और गहरा हो गया है. बारामुला जिले के गुलमर्ग में बीते 24 घंटों के दौरान करीब 5 से 6 इंच तक नई बर्फ जमी है, जिससे यहां की वादियां फिर से सफेद चादर में ढक गई हैं. 

इन जगहों पर बर्फबारी की खबर

इसके अलावा पीर की गली, राजदान टॉप, गुरेज और साधना टॉप जैसे ऊंचे इलाकों में भी लगातार बर्फबारी की खबर है. पिछले कुछ दिनों से घाटी के ऊपरी हिस्सों में रुक-रुक कर बर्फ गिरने का सिलसिला जारी है. दूसरी ओर, श्रीनगर समेत घाटी के मैदानी इलाकों में भारी बारिश देखने को मिली है. इस बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर फिर से बढ़ गया है. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव कुछ और दिन जारी रह सकता है.

20 मार्च तक बारिश-बर्फबारी के आसार

मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 20 मार्च तक घाटी में अस्थिर मौसम बना रहेगा. इस दौरान कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है. खासकर चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के ऊंचे इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है.

21 मार्च से मौसम साफ होने का अनुमान

हालांकि, 21 से 24 मार्च के बीच मौसम के साफ रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है. लेकिन 23 मार्च को कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है. इसके बाद 26 से 28 मार्च के बीच फिर से मौसम बदल सकता है, जहां ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या बर्फ गिर सकती है.

खेती से जुड़े कामों के लिए किसानों को सलाह

मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. किसानों के लिए राहत की बात यह है कि 21 मार्च के बाद मौसम के स्थिर होने पर खेती से जुड़े काम दोबारा शुरू किए जा सकते हैं. हालांकि, तब तक खराब मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है. (पीटीआई)

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