
उत्तर भारत में मौसम ने गुरुवार रात से बदलाव हुआ और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने ठंड का असर बढ़ा दिया है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के कारण 23 जनवरी को कई राज्यों में मौसम बिगड़ गया. हालांकि, 24 जनवरी से हालात में सुधार के संकेत हैं. आईएमडी के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी क्षोभमंडल तक फैला है. इससे जुड़ा ट्रफ अरब सागर तक बढ़ रहा है. इसके अलावा 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 27-28 जनवरी के दौरान दोबारा बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर में भारी से बहुत भारी बारिश-बर्फबारी, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश-बर्फबारी काे लेकर अलर्ट पर रहे. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के साथ 40-60 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चलीं. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई. वहीं, अब 24 से 26 जनवरी के बीच कई इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की आशंका है.
IMD के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इसके बाद दो दिन तापमान में खास बदलाव नहीं होगा और फिर धीरे-धीरे 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है. हिमालयी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि पंजाब के लुधियाना में मैदानी इलाकों का सबसे कम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा.
दिल्ली-एनसीआर में बीते दिन बारिश और बादल छाए रहने से ठंड का असर तेज रहा. हालांकि, एयर क्वालिटी में थोड़ा सुधार देखने को मिला. वहीं, 24 से 26 जनवरी के बीच दिल्ली में सुबह और रात में कोहरा छाने की संभावना है. 26 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री तक रह सकता है, जिससे ठंड का असर बढ़ेगा.
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 27 जनवरी को एक बार फिर व्यापक बारिश और बर्फबारी हो सकती है. पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश संभव है. दक्षिण भारत में 26 जनवरी को केरल और माहे में भी मौसम सक्रिय रहेगा.
आईएमडी की ओर से किसानों और पशुपालकों को सलाह जारी की गई है. बारिश और बर्फबारी वाले इलाकों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें. वहीं, ओलावृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में सब्जी और बागवानी फसलों को जाल या अस्थायी ढकाव से सुरक्षित रखें. वहीं, पशुपालक तेज बारिश, ओलावृष्टि और ठंड के दौरान पशुओं को शेड में रखें और चारे को सूखी जगह पर संग्रहित करें. ठंड और पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई और मल्चिंग अपनाने की सलाह दी गई है.