Weather Update: कई राज्‍यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, जानिए आपके यहां कैसा रहेगा मौसम

Weather Update: कई राज्‍यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, जानिए आपके यहां कैसा रहेगा मौसम

देशभर में मौसम का मिजाज बदल रहा है. IMD ने पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड में हीटवेव का असर बना रह सकता है. मॉनसून अगले 3-4 दिनों में उत्तर और मध्य भारत के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 26, 2026,
  • Updated Jun 26, 2026, 7:00 AM IST

देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है. कई राज्यों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, गरज और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

कहां तक पहुंचा दक्षि‍ण-पश्चिम मॉनसून?

मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है. फिलहाल मॉनसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में मॉनसून आगे बढ़ सकता है. इससे कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है.

26 जून को देशभर में कैसा रहेगा मौसम

IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम बदलता हुआ दिखाई देगा. कई जगह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है. गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर अभी बना रहेगा और कुछ इलाकों में हीटवेव जैसी स्थिति रह सकती है. राजस्थान में धूलभरी हवाओं और तेज झोंकों का असर देखने को मिल सकता है.

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. कई जिलों में तेज हवा और गरज के साथ बारिश की संभावना है. पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का असर दिख सकता है. खेतों में जलभराव और तेज हवा से नुकसान की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है.

पूर्व से लेकर पश्चिमी राज्‍यों तक बारिश का अलर्ट

वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में बारिश का दौर तेज हो सकता है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 से 29 जून के बीच बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. असम और मेघालय में भी भारी बारिश और जलभराव का खतरा बना रहेगा. पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होगी.

इसके अलावा पश्चिम और दक्षिण भारत में कोंकण, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कर्नाटक और केरल में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं. तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

26 जून को दिल्ली में ऐसा रहेगा मौसम

दिल्ली-एनसीआर में 26 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश के साथ गरज और बिजली चमक सकती है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 

अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 27 जून को भी मौसम लगभग ऐसा ही रहने की संभावना है. 28 जून को तेज हवाएं चल सकती हैं, लेकिन तापमान में बहुत ज्यादा राहत के संकेत नहीं हैं.

किसानों के लिए राज्यवार सलाह

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में गर्मी और हीटवेव वाले इलाकों में फसलों की जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें. खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें. सब्जियों और फलदार पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए अस्थायी शेड का इस्तेमाल करें. पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ और ठंडा पानी दें.

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्य में धान नर्सरी और सब्जियों वाले खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें. भारी बारिश के दौरान नई बुवाई टालें. केले और अन्य पौधों को सहारा देकर गिरने से बचाएं.

केरल, कर्नाटक, गोवा और तटीय राज्यों में धान, केला और बागवानी फसलों में जल निकासी बनाए रखें. तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए पौधों को सहारा दें. कटाई के बाद उपज को खुले में न रखें.

आंधी और बारिश की आशंका होने पर कटी फसल को तिरपाल से ढककर रखें. बिजली गिरने की चेतावनी के दौरान खेतों में काम न करें. मौसम की स्थिति देखकर ही बुवाई, सिंचाई और दवा छिड़काव का फैसला लें.

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