
अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे पांच लोग लापता हो गए, 17 लोग घायल हो गए और कम से कम 18 घर तबाह हो गए. साथ ही, भूस्खलन के कारण सड़क से संपर्क टूट गया और यात्री फंस गए. राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि याजाली सर्कल के तहत पूसा के पास नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी से लापता लोगों की पहचान एलेश मारक (13), बलारी मारक (30), ताओ अंजीना (46), निर्मला गुप्ता (35) और सौरव कुमार के रूप में की गई है. खोज और बचाव अभियान जारी है.
सुलू ने बताया कि अचानक आई बाढ़ में 17 लोग घायल हुए, जिनमें से तीन गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें बाद में इलाज के लिए लोअर सुबनसिरी जिले के जिरो ले जाया गया. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) ढह गई, जिससे कॉलोनी और उसके आसपास के निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया.
अधिकारी ने कहा कि इस घटना में कम से कम 18 घर तबाह हो गए.
पुलिस ने बताया कि जिला पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों ने याजाली जलाशय से बिशू सिन्हा को बचाया, जबकि भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के एक वैज्ञानिक को आपदा से प्रभावित नेशनल हाईवे 13 के एक हिस्से से बचाया गया.
प्रशासन ने अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस उपाधीक्षक और संबंधित सर्कल अधिकारी को स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्यों में तालमेल रखने के लिए प्रभावित स्थल पर तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया है.
सुलू ने कहा, "SDRF की एक टीम तैनात की गई है, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को सतर्क कर दिया गया है और वह राहत व बचाव कार्यों में मदद के लिए इलाके की ओर बढ़ रहा है."
उन्होंने कहा कि याजाली अधिकार क्षेत्र में उपलब्ध सभी अतिरिक्त कर्मियों और वाहनों को काम पर लगा दिया गया है, साथ ही आपातकालीन कार्यों में सहायता के लिए पूर्व सैनिकों को भी बुलाया गया है.
सचिव ने बताया कि नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (नीपको) ने एहतियाती उपाय के तौर पर पैन्योर लोअर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के जलाशय से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है और प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.
उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जिले में सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है. पोटिन और होज के पास NH-13 के तीन हिस्से भूस्खलन के कारण बंद हो गए, जिससे कई लोग फंस गए. केयी पैन्योर के पुलिस सुपरिटेंडेंट अंगद मेहता ने एक बयान में कहा कि भारी बारिश की वजह से मॉनसून से जुड़ी दिक्कतों के कारण छह जिले – केयी पैन्योर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले और अपर सुबनसिरी – कट गए हैं.
उन्होंने कहा कि किमिन-जिरो रूट पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
मेहता ने आगे कहा कि बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) ने बहाली का काम तेज कर दिया है और उम्मीद है कि गुरुवार दोपहर तक किमिन रूट से संपर्क बहाल हो जाएगा.
NH-13 के ईटानगर-होज-याजाली हिस्से पर भी भूस्खलन की सूचना मिली है. कई जगहों पर भारी भूस्खलन के कारण मेप्सोरो और होज हाईवे जंक्शन को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से कट गई है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही बाधित हो गई है.
बहाली का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सड़क कब खुलेगी, इसका अंदाजा लगाना अभी जल्दबाजी होगी.
ईस्ट कामेंग, पाक्के केसांग, वेस्ट कामेंग और तवांग जिलों के यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अगली सूचना तक इस रास्ते पर जाने से बचें.
अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण कई जिलों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है.