
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब मध्य प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ रहा है और अगले कुछ दिन राज्य के लिए अहम रहने वाले हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मॉनसून आगे बढ़ सकता है. ऐसे में लंबे इंतजार के बाद किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून तक मॉनसून महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है. इसी के असर से मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है.
मौसम विभाग ने कहा है कि मौजूदा मौसमीय परिस्थितियां राज्य में मॉनसून की प्रगति के लिए अनुकूल बनी हुई हैं. हालांकि, पूरे मध्य प्रदेश में एक साथ मॉनसून नहीं पहुंचेगा. पहले चरण में राज्य के कुछ हिस्सों में इसकी एंट्री होने की संभावना है और बाद में इसका दायरा धीरे-धीरे बढ़ेगा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के साथ बारिश का दायरा भी बढ़ेगा, जिससे खरीफ सीजन की तैयारियों को गति मिल सकती है.
आईएमडी ने 23 से 29 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बने रहने का अनुमान जताया है. कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. 24 से 27 जून के बीच कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है.
इसके अलावा 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में थंडरस्क्वॉल यानी तेज आंधी जैसे हालात भी बन सकते हैं, जहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से बचने और किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है.
राज्य के किसानों के लिए यह अपडेट इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि मॉनसून की समय पर सक्रियता खरीफ फसलों की बुवाई को गति देती है. बारिश शुरू होने के साथ सोयाबीन, मक्का, धान और अन्य खरीफ फसलों की खेती वाले इलाकों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं. फिलहाल नजर अगले 2 से 3 दिनों पर रहेगी, जब मध्य प्रदेश में मॉनसून की औपचारिक दस्तक की तस्वीर और साफ हो सकती है.