
देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती सिस्टम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से नवंबर की शुरुआत में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे दक्षिणी अंडमान सागर और आसपास के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इसके 31 अक्टूबर के आसपास और मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. इसके प्रभाव से 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, 4 नवंबर तक पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश हो सकती है. वहीं, 1 नवंबर तक विदर्भ और 1 और 4-5 नवंबर को छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश के आसार हैं.
छत्तीसगढ़ में 31 अक्टूबर और 2-3 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है. 2 नवंबर को यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. IMD के अनुसार,
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. IMD के मुताबिक, 2 नवंबर तक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच बारिश होने की संभावना है.
वहीं, 2 नवंबर को दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. 31 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड में 31 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
पश्चिम भारत में 31 अक्टूबर को गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. मौसम में इस बदलाव के चलते किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बारिश और तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. किसानों को सलाह है कि बारिश की संभावना को देखते हुए कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें.