
अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के बाद बना डिप्रेशन दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर सक्रिय है. यह मौसमी सिस्टम पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ा है.
29 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह सिस्टम 19.4 डिग्री उत्तर अक्षांश और 81.9 डिग्री पूर्व देशांतर के पास स्थित था. इसका केंद्र जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपश्चिम, तितलागढ़ से 180 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, भवानीपटना से 150 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम, रायपुर से 200 किलोमीटर दक्षिण और संबलपुर से 310 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार यह डिप्रेशन लगातार उत्तर की ओर बढ़ते हुए 29 अक्टूबर की शाम तक कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) में तब्दील हो सकता है.
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हुई.
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए निम्नलिखित चेतावनी जारी की है-
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे क्षेत्रों और ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 29 अक्टूबर दोपहर तक 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. झोंकों के दौरान इनकी गति 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
वहीं छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्सों, विशेषकर सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद जिलों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, निचले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है.