चक्रवात अर्नब को लेकर अलर्ट मोड में चंदौली प्रशासन, किसानों के लिए जारी की खास सलाह

चक्रवात अर्नब को लेकर अलर्ट मोड में चंदौली प्रशासन, किसानों के लिए जारी की खास सलाह

चक्रवात अर्नब के संभावित असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के चंदौली में प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका है.

चक्रवात अर्नब को लेकर अलर्टचक्रवात अर्नब को लेकर अलर्ट
उदय गुप्ता
  • Chandauli,
  • Oct 29, 2026,
  • Updated Oct 29, 2026, 9:23 AM IST

उत्तर प्रदेश के चंदौली में चक्रवात अर्नब के संभावित असर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 से 30 अक्टूबर के बीच चंदौली और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा बना रह सकता है. इसे देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है. राजस्व विभाग, पुलिस, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बेवजह घर से बाहर न निकलें. तेज आंधी और बारिश होने पर पक्के मकान के अंदर सुरक्षित रहें. कच्चे मकानों, पेड़ों और अस्थायी ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें. लोगों को इस दौरान वाहन चलाने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है.

45 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं

चंदौली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार गफ्फार हुमायूं के मुताबिक, मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 25 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है. उन्होंने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों तक समय पर मौसम की जानकारी पहुंचाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग सुरक्षित रह सकें. कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है. संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी आपदा जैसी स्थिति बनने पर तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया जाए.

किसानों को धान की फसल बचाने की सलाह

चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है. यहां बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है. ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान होने की आशंका को देखते हुए किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने कहा है कि जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, वे फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसे तिरपाल या किसी अन्य उचित साधन से ढककर रखें, ताकि बारिश से फसल खराब न हो. वहीं, जो किसान अभी धान की कटाई करने की योजना बना रहे हैं, वे मौसम को देखते हुए दो से तीन दिन इंतजार करें.

पहले ही जारी कर दी गई थी चेतावनी

गफ्फार हुमायूं के अनुसार, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से चक्रवात के संभावित असर को लेकर पहले ही जानकारी मिल गई थी. इसी के आधार पर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी थीं. उनके मुताबिक, समुद्र से जमीन की ओर बढ़ने के दौरान तूफान की ताकत कमजोर हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली से खतरा बना रह सकता है. फिलहाल जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें.

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