
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Arnab) तेजी से भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह चक्रवात पिछले 6 घंटों में 22 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है.
यह अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान भारत के पूर्वी तटीय इलाकों की ओर बढ़ते हुए और अधिक हिंसक रूप ले रहा है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' में हवाओं की रफ्तार पहले के मुकाबले बढ़ गई है, जिससे आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में खतरा और बढ़ गया है.
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, चक्रवात के तट से टकराते समय हवा की गति जो पहले 115-125 किमी प्रति घंटा अनुमानित थी, वह अब बढ़कर 125 से 135 किमी प्रति घंटा हो गई है. इसकी अधिकतम रफ्तार (Gusting) तूफान के दौरान 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है (जो पहले 140 किमी/घंटा अनुमानित थी). यह रफ्तार हवा के झोंको की देखी जाएगी.
यह अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर 2026 की दोपहर (Forenoon) से पहले बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यनम (Yanam) के पास आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार करेगा.
हवाओं की बढ़ती गति को देखते हुए आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) और स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.
उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम, काकीनाडा) और ओडिशा के तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश और 150 किमी/घंटे की तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.
विशाखापट्टनम में स्थित डॉपलर वेदर रडार (Doppler Weather Radar) के जरिए तूफान की पल-पल की लोकेशन और गति पर नजर रखी जा रही है.
APSDMA ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों या चक्रवात आश्रय गृहों में जाने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है.
27 अक्टूबर 2026 की सुबह 05:30 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, यह तूफान विशाखापट्टनम से करीब 260 किमी दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 300 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से 380 किमी दक्षिण में केंद्रित था.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ता रहेगा. इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ जाएगा.
तटीय क्षेत्रों में चक्रवात 'अर्नब' का असर दिखने लगा है. तटीय जिलों में तेज हवाएं चलना शुरू हो चुकी हैं. उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के जिलों (जैसे श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम, काकीनाडा) में मूसलाधार बारिश और बेहद तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है.
APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों से सतर्क रहने और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है.
ओडिशा के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों, विशेषकर गोपालपुर के आसपास के इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है. चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी मंगलवार को दक्षिण ओडिशा के जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है.
इन जिलों में भद्रक, कटक, गजपति, गंजाम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नयागढ़, पुरी और रायगढ़ के नाम हैं. भद्रक, कटक, गजपति, गंजाम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नयागढ़, पुरी और रायगढ़ के कई इलाकों में मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की प्रबल संभावना है.