
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी मैदानी इलाकों में अगले 4-5 दिनों तक लू (हीटवेव) की चेतावनी जारी की है. IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर लू चलने की आशंका है. वहीं, पूर्वोत्तर भारत में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. इस दौरान कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की भी संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 अप्रैल को देश के बड़े हिस्से में गर्मी का असर और तेज होने वाला है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य भारत के हिस्सों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. वहीं, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान करेगा.
दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहेगा. पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां सीमित रूप में जारी रह सकती हैं.
दिल्ली-एनसीआर में 23 अप्रैल को आसमान साफ रहने के साथ तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री के बीच रह सकता है. इसके बाद 24-25 अप्रैल को लू चलने के संकेत हैं और तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है. इन दिनों पश्चिमी दिशा से हल्की से मध्यम हवाएं चलेंगी, लेकिन गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है. रात के समय भी गर्मी बनी रह सकती है, जिससे लोगों को उमस और असहजता का सामना करना पड़ेगा.
IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लू का असर तेज होगा. हालांकि, 27-28 अप्रैल के आसपास तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है.
इसी दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. मध्य भारत में भी तापमान बढ़ने के साथ सूखा और गर्म मौसम बना रहेगा.
मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि पूर्वोत्तर भारत में पूरे हफ्ते बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिसमें कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम खतरनाक रूप ले सकता है.
वहीं, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन क्षेत्रों में आंधी और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों खासकर कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी. कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है. वहीं, पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. गुजरात में फिलहाल तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें, खासकर सब्जियों, दालों और बागवानी फसलों में. खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का इस्तेमाल करें और नई पौध को शेड नेट से ढकें.
जहां बारिश और आंधी की संभावना है, वहां कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें. पशुपालकों को जानवरों के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि गर्मी से होने वाले नुकसान से बचा जा सके.