
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि देश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज अस्थिर बना रहेगा. दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में पूरे हफ्ते बारिश और आंधी का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसकी चरम गतिविधि 3 और 4 अप्रैल को देखने को मिलेगी. वहीं, जम्मू-कश्मीर में 3 अप्रैल और हिमाचल प्रदेश में 3-4 अप्रैल को ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, मध्य भारत में 6 अप्रैल तक तेज गरज-चमक और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है. इसके अलावा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में आज भारी बारिश होने की आशंका है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 अप्रैल के दौरान देश के कई हिस्सों में बदले हुए मौसम का असर देखने को मिलेगा. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है.
वहीं, पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और विदर्भ में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा.
इसके अलावा पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत के तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भी अस्थिर मौसम बना रहेगा.
IMD ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 1 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. 2 अप्रैल को तापमान में बढ़ोतरी के साथ अधिकतम 35 से 37 डिग्री तक पहुंच सकता है. वहीं, 3 अप्रैल को फिर मौसम बदलने के संकेत हैं और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान हवा की रफ्तार 20 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. यानी अगले कुछ दिनों में दिल्ली में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 3 से 6 अप्रैल के बीच बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का नया दौर सक्रिय रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश और आंधी की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में 4 अप्रैल तक व्यापक बारिश जारी रहेगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत में 1 से 4 अप्रैल तक गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा.
मध्य भारत में अगले पांच दिनों तक आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की घटनाएं हो सकती हैं. पश्चिम भारत के गुजरात और महाराष्ट्र में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा. दक्षिण भारत में भी कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.
मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खड़ी फसलों, बागवानी और सब्जियों को नुकसान हो सकता है, इसलिए पकी फसलों की तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है. फलदार पौधों और सब्जियों को सहारा देने और ढकने की जरूरत है.
भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए. पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़ने और सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है. आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है.