
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत में जारी वेट स्पेल के 29 और 30 मार्च को चरम पर रहने की चेतावनी दी है. इन दिनों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत मैदानी इलाकों में बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है. IMD ने 30 मार्च को कश्मीर घाटी में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही 29-30 मार्च को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी आंधी, बिजली और तेज हवा के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा.
मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा है कि 29 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है.
वहीं, पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा मध्य और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिलेंगी.
IMD ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 29 मार्च को आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा. सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है. दोपहर बाद भी हल्की बारिश जारी रह सकती है.
अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. 30 और 31 मार्च को भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है.
उत्तर-पश्चिम भारत में 31 मार्च तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा. पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी 29 से 31 मार्च के बीच आंधी, बिजली और बारिश का असर रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में 3 अप्रैल तक कई राज्यों में बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं, पूर्वी भारत में 31 मार्च तक बिहार, झारखंड और ओडिशा में आंधी-तूफान और बारिश जारी रह सकती है.
मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि संभव है. दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी सप्ताह भर छिटपुट बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. तापमान में उत्तर-पश्चिम और उत्तर भारत में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, जबकि अन्य हिस्सों में सामान्य स्थिति बनी रहेगी.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए पकी हुई फसलों की तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें. खेतों में रखी उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित करें. फल और सब्जी फसलों में सहारा देकर पौधों को गिरने से बचाएं.
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो. पशुपालकों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले में न छोड़ें और उन्हें शेड में सुरक्षित रखें, साथ ही चारे को भी सुरक्षित स्थान पर रखें.